Patna Ganga Path: गंगा पथ बनेगा पटना का नया टूरिस्ट हब, कोलकाता-हैदराबाद से आए पौधे, बेंच पर बैठकर दिखेगा गंगा का नजारा
Patna Ganga Path:गंगा किनारे बने इस खूबसूरत कॉरिडोर की सूरत संवारने के लिए बड़े पैमाने पर पौधरोपण और सौंदर्यीकरण का काम शुरू किया गया है।...
Patna Ganga Path: पटना के जेपी गंगा पथ को राजधानी के प्रमुख पर्यटन स्थलों की फेहरिस्त में शामिल करने की कवायद अब रफ्तार पकड़ रही है। गंगा किनारे बने इस खूबसूरत कॉरिडोर की सूरत संवारने के लिए बड़े पैमाने पर पौधरोपण और सौंदर्यीकरण का काम शुरू किया गया है। खाली जगहों और वॉक-वे के बीच करीब 5 हजार पौधे लगाए जा रहे हैं। योजना पूरी होने के बाद गंगा पथ सिर्फ आवाजाही का रास्ता नहीं, बल्कि लोगों के लिए सुकून, हरियाली और खूबसूरत नजारों का नया ठिकाना बन सकता है।पटना स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत चल रहे इस सौंदर्यीकरण अभियान में अलग-अलग आकार के 95 प्लांटर बॉक्स तैयार किए गए हैं। इनमें 90 छोटे प्लांटर बॉक्स करीब 10×7 फीट आकार के हैं, जबकि पांच बड़े प्लांटर बॉक्स 16×50 फीट के बनाए गए हैं। इन प्लांटर बॉक्स को वॉक-वे के बीच आकर्षक अंदाज में सजाया जा रहा है, ताकि पूरे गंगा पथ की फिजां में हरियाली और खूबसूरती का रंग घुल सके।
गंगा पथ को नया लुक देने के लिए लगाए जा रहे पौधे कोलकाता और हैदराबाद से मंगाए गए हैं। पौधों के चयन में सिर्फ हरियाली ही नहीं, बल्कि उनकी खूबसूरती और लंबे समय तक आकर्षक बने रहने को भी ध्यान में रखा गया है।करीब पांच हजार पौधों की यह हरित चादर जब आकार लेगी तो गंगा पथ का दृश्य पहले से कहीं ज्यादा दिलकश नजर आने की उम्मीद है। दिन में हरियाली और शाम के वक्त गंगा के किनारे रोशनी के बीच यह इलाका शहरवासियों के लिए एक नया सुकूनभरा ठिकाना बन सकता है।
इस योजना में सिर्फ पौधरोपण तक मामला सीमित नहीं है। गंगा पथ पर आने वाले लोगों के बैठने के लिए भी इंतजाम किया जा रहा है। प्रत्येक प्लांटर बॉक्स के आगे और पीछे दो-दो बेंच लगाने की योजना है।यानी लोग वॉक करने के बाद कुछ देर बैठकर गंगा की लहरों का दीदार कर सकेंगे। परिवार के साथ आने वाले लोगों से लेकर सुबह-शाम सैर करने वालों तक के लिए यह व्यवस्था गंगा पथ को ज्यादा सुविधाजनक बनाएगी।शाम के वक्त गंगा किनारे बैठकर डूबते सूरज का नजारा देखने और ठंडी हवा के बीच वक्त गुजारने की सुविधा इस इलाके को शहर के नए आउटडोर डेस्टिनेशन के तौर पर पहचान दिला सकती है।
सौंदर्यीकरण के लिए गंगा पथ पर करीब 14 प्रजातियों के पौधे लगाए जा रहे हैं। इनमें सागो पाम, इक्सोरा, प्लूमेलिया, जट्रोफा, नूरियम ओलियंडर, मधु कामिनी, फिकस पांडा, अरेका पाम, चाइना डॉल, क्रोटन, निकोडिया, यूफोरबिया और डेस्मोडियम समेत कई आकर्षक प्रजातियां शामिल हैं।इन पौधों को इस तरह चुना गया है कि गंगा पथ पर हरियाली के साथ सजावटी खूबसूरती भी कायम रहे। अलग-अलग आकार और बनावट वाले पौधे प्लांटर बॉक्स को आकर्षक रूप देंगे।
जेपी गंगा पथ पहले से ही पटना के चर्चित शहरी कॉरिडोर में शामिल है। अब पौधरोपण, प्लांटर बॉक्स, बैठने की व्यवस्था और अन्य सौंदर्यीकरण कार्यों के जरिए इसे पर्यटन के लिहाज से विकसित करने की कोशिश हो रही है।अगर पौधों के बड़े होने के साथ बाकी सुविधाएं भी व्यवस्थित तरीके से विकसित हो जाती हैं, तो गंगा पथ राजधानी के उन चुनिंदा स्थानों में शामिल हो सकता है जहां लोग सिर्फ सफर करने नहीं, बल्कि घूमने, बैठने और गंगा के नजारे का लुत्फ उठाने भी पहुंचेंगे।