Patna NEET student death case: कोर्ट की फटकार के बाद जागी सरकार, अब CBI के शिकंजे में होंगे गुनहगार, होगा दूध का दूध और पानी का पानी
Patna NEET student death case:बिहार की राजधानी पटना में नीट छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला अब एक नए और संगीन मोड़ पर आ खड़ा हुआ है।
Patna NEET student death case:बिहार की राजधानी पटना में नीट छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला अब एक नए और संगीन मोड़ पर आ खड़ा हुआ है। इस खौफनाक वारदात ने न केवल आम लोगों के दिल में दहशत पैदा की है, बल्कि कानून की फाइलों में भी खलबली मचा दी है। पटना के चित्रगुप्त नगर थाना कांड संख्या 14/2026 में अब इंसाफ की उम्मीदें परवान चढ़ रही हैं, क्योंकि सीबीआई की तफ्तीश अब और भी धारदार हो गई है।
पहले यह मामला केवल हत्या के प्रयास की धाराओं में उलझा हुआ था, लेकिन अब बिहार सरकार के गृह विभाग ने अपनी पुरानी अधिसूचना में तरमीम (संशोधन) करते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। 31 जनवरी 2026 को जारी इस संशोधित नोटिफिकेशन के बाद, सीबीआई को अब POCSO अधिनियम 2012 की धारा 4 और 6, तथा BNS 2023 की धारा 64 के तहत जांच करने का अख्तियार मिल गया है। यानी अब गुनाहगारों के लिए कानून का शिकंजा और भी कस गया है।
इस मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब मामला अदालत की चौखट पर पहुँचा। कोर्ट ने बेहद तल्ख लहजे में जांच एजेंसियों से तीखे सवाल दागे कि जब पीड़िता नाबालिग है और यौन अपराध के स्पष्ट संकेत सामने आ रहे हैं, तो इस कांड में पॉक्सो एक्ट क्यों नहीं लगाया गया?
अदालत की इस फटकार के बाद बिहार सरकार को अपना रुख बदलना पड़ा। आनन-फानन में गृह विभाग ने अधिसूचना में संशोधन किया और सीबीआई को इन नई धाराओं के साथ अनुसंधान को आगे बढ़ाने का आदेश दिया।
इस अहम बदलाव के बाद अब उम्मीद है कि सीबीआई इस सनसनीखेज केस की तह तक जाएगी। 9 जनवरी को दर्ज की गई एफआईआर में अब पॉक्सो की धाराओं का जुड़ना यह साबित करता है कि जांच एजेंसी अब किसी भी मुजरिम को बख्शने के मूड में नहीं है। पटना से लेकर दिल्ली तक इस केस की सरगर्मियां बढ़ गई हैं, और हर किसी की नजर इस बात पर है कि क्या पीड़िता को वाकई इंसाफ मिल पाएगा।