ध्वनि प्रदूषण से हैं परेशान तो कॉल करें DIAL 112, पटना हाई कोर्ट का भोंपू के शोर और डीजे आतंक पर बड़ा फैसला

भोंपू के शोर और डीजे आतंक सहित किसी प्रकार के ध्वनि प्रदूषण से परेशान लोगों के लिए पटना हाई कोर्ट में दायर एक जनहित याचिका के बाद बिहार सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों की शिकायत अब डायल 112 पर कर सकते है.

Patna High Court on Noise Pollution
Patna High Court on Noise Pollution- फोटो : news4nation

Patna High Court :  पटना हाईकोर्ट ने ध्वनि प्रदूषण अपनी ऐतिहासिक मुहर लगाते हुए सुरेंद्र प्रसाद के ध्वनि प्रदूषण  से संबंधित  महत्वपूर्ण याचिका का निष्पादन कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अब 112 नंबर बनेगा आम जनता की ढाल  बनेगा। राज्य  में शोर के खिलाफ कानूनी लड़ाई और अखबार की टिप्पणी पर कोर्ट का रुख स्पष्ट और सख्त हुआ  हैं। बिहार में बेलगाम लाउडस्पीकर और डीजे के शोर से परेशान नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए पटना हाईकोर्ट ने सुरेंद्र प्रसाद बनाम बिहार सरकार  मामले में सुनवाई पूरी कर ली है। 

जस्टिस राजीव राय ने सुनवाई के दौरान एक प्रमुख समाचार पत्र की उस रिपोर्ट का विशेष जिक्र किया, जिसमें 1978 के प्रसिद्ध गीत Noise Annoys की याद दिलाते हुए कहा गया था कि इस फैसले की असली सफलता तभी होगी, जब राज्य प्रशासन इसे अपनी आदत में शामिल कर सख्ती से लागू करे।  कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि पुलिस और प्रवर्तन एजेंसियों का यह कर्तव्य है कि वे बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को ध्वनि प्रदूषण के कहर से बचाएं।  


 सुनवाई के दौरान राज्य सरकार का पक्ष रख रहे सरकारी अधिवक्ता प्रशांत प्रताप ने कोर्ट को बताया कि बिहार के पुलिस महानिदेशक की ओर से DIAL 112 सेवा को ध्वनि प्रदूषण की शिकायतों के निस्तारण के लिए आधिकारिक तौर पर जोड़  दिया गया है।   अधिवक्ता प्रताप ने यह स्पष्ट किया कि नागरिक अब बिना किसी डर के 112 नंबर पर शोरगुल की शिकायत दर्ज करा सकते हैं।  उनकीपहचान रहेगी गुप्त, जनता की भागीदारी से ही प्रदूषण रुक पायेगा।


हाईकोर्ट ने पुलिस प्रशासन द्वारा DIAL 112 को इस अभियान से जोड़ने के कदम की सराहना करते हुए कहा कि शिकायत दर्ज कराने वाले नागरिकों की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी।कोर्ट ने राज्य के लोगों से भी अपील की कि वे इस व्यवस्था का उपयोग करें, क्योंकि नागरिकों की सही जानकारी से ही एजेंसियां कानून का कड़ाई से पालन करा सकेंगी।  


प्रशासन और पुलिस बल द्वारा दिए गए आश्वासनों और 112 सेवा की सक्रियता को रिकॉर्ड पर लेते हुए जस्टिसराजीव राय ने अहम दिशानिर्देश जारी किए।  अंततः सुरेंद्र प्रसाद की इस याचिका को पूरी तरह से निष्पादित  कर दिया।कोर्ट के इस  निर्णय से पूरे प्रदेश में डीजे और लाउडस्पीकर के अवैध इस्तेमाल पर लगाम कसने का रास्ता साफ हो गया है।