Bihar News : पटना हाईकोर्ट का अहम फैसला, तलाक को रखा बरकरार, पत्नी को गुजारा भत्ते में 1 कट्ठा जमीन और प्रतिमाह 10,000 रूपये देने का दिया आदेश

Bihar News : पटना हाईकोर्ट ने वैवाहिक विवाद से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में पति द्वारा क्रूरता के आधार पर लिए गए तलाक के आदेश को बरकरार रखा है......पढ़िए आगे

Bihar News : पटना हाईकोर्ट का अहम फैसला, तलाक को रखा बरकरार,
पटना हाईकोर्ट का फैसला - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : पटना हाईकोर्ट ने पति की ओर से क्रूरता के आधार पर लिए गए तलाक को बरकरार रखते हुए पत्नी को स्थायी गुजारा भत्ता के रूप में एक कट्ठा कृषि भूमि और प्रतिमाह ₹10,000 देने का आदेश दिया है। जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस राणा विक्रम सिंह की खंडपीठ ने पूनम कुमारी की ओर से दायर अपील पर सुनवाई के बाद यह निर्णय सुनाया।

कोर्ट ने कहा कि वैवाहिक विवाद में मानसिक क्रूरता का आकलन किसी एक घटना के आधार पर नहीं, बल्कि पति-पत्नी के पूरे वैवाहिक जीवन, उनके आचरण, लंबे समय तक अलग रहने और वैवाहिक संबंध पर पड़े समग्र प्रभाव को देखते हुए किया जाना चाहिए। कोर्ट ने पाया कि दोनों पक्ष दिसंबर 2014 से अलग रह रहे हैं और लंबे समय से वैवाहिक संबंध में गंभीर विवाद बना हुआ था।

हाईकोर्ट ने कहा कि पत्नी के पास पर्याप्त स्वतंत्र आय का कोई प्रमाण नहीं है, जबकि पति के पास कृषि भूमि और व्यवसाय है. इसलिए न्यायहित में उसकी कानूनी रूप से हस्तांतरण योग्य कृषि भूमि में से एक कट्ठा भूमि पत्नी के पक्ष में स्थायी गुजारा भत्ते के रूप में देने और साथ ही ₹10,000 प्रतिमाह भुगतान करने का आदेश दिया गया। कोर्ट ने कहा कि पहले से मिल रहे ₹5,000 मासिक भत्ते की राशि नए आदेश में समायोजित की जाएगी। कोर्ट ने पति को तीन महीने के भीतर अपनी कानूनी रूप से स्वामित्व वाली और हस्तांतरण योग्य कृषि भूमि में से एक कट्ठा जमीन पत्नी के नाम करने का निर्देश दिया है।

कोर्ट ने कहा कि भूमि किसी भार से मुक्त होनी चाहिए और उसका हस्तांतरण कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जाएगा। हालांकि, हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के 30 जून, 2022 के तलाक के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया और पति के पक्ष में क्रूरता के आधार पर दिए गए तलाक की पुष्टि करते हुए पत्नी की अपील निष्पादित कर दी।