Bihar News : बिहार अपराध नियंत्रण कानून के दुरुपयोग पर पटना हाईकोर्ट सख्त, नालंदा DM का आदेश किया रद्द, पीड़ितों को 1-1 लाख मुआवजे देने का दिया निर्देश

Bihar News : पटना हाईकोर्ट ने नालंदा जिला प्रशासन द्वारा बिहार अपराध नियंत्रण कानून, 2024 के तहत नागरिकों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता छीनने और प्रशासनिक शक्तियों के दुरुपयोग पर कड़ा रुख अपनाया है......पढ़िए आगे

Bihar News : बिहार अपराध नियंत्रण कानून के दुरुपयोग पर पटना
डीएम का आदेश रद्द - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : पटना हाईकोर्ट ने नालंदा जिला प्रशासन की ओर से बिहार अपराध नियंत्रण कानून, 2024 के अंतर्गत  मनमाने ढंग से नागरिकों की व्यक्तिगत स्वतन्त्रता छीनने व प्रशासनिक अधिकारों के दुरुपयोग पर सख्त आदेश पारित किया हैं। जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद की खंडपीठ ने नालंदा के तत्कालीन डीएम कुंदन  के द्वारा पारित आदेश को निरस्त सिर्फ  पूरी तरह से खारिज किया,जिसके तहत नालंदा के दो स्थानीय नागरिकों को आपराधिक तत्व बता कर उन पर कठोर पाबंदियां थोपी गई थी।

कोर्ट ने डीएम, नालंदा डीएम के आदेश को रद्द करते हुए राज्य सरकार को दोनों  पीडितों  को एक एक लाख रुपए  मुआबजा देने का निर्देश दिया और दस दस हजार रुपए मुकदमें का खर्च  देने का आदेश दिया। कोर्ट ने ये धनराशि दोषी अधिकारियों से वसूलने का आदेश दिया। कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि जिला प्रशासन  में न्यायिक सोच का अभाव हैं। खंडपीठ ने पाया कि डीएम के आदेश का प्रारूप पूरी तरह से कट एंड पेस्ट  जैसा हैं, जिसमें बिना ठोस तथ्य, सामग्री और स्वतन्त्र जांच के आदेश पारित कर दिया गया  हैं।

बिना किसी ठोस आधार के किसी व्यक्ति को असामाजिक तत्त्व घोषित कर देना न्याय के सिद्धांत का खेला उल्लंघन  हैं। नालंदा जिला के कटौती गांव  में शशि कुमार उर्फ फूकन और अजय सिंह पर बिहार अपराध नियंत्रण कानून, 2024 की धारा 3(3) के अंतर्गत कार्रवाई हुई। प्रशासन का दावा था कि बिहार विधान सभा चुनाव और  छठ पर्व  में इनके स्वतंत्र रुप से घूमने पर विधि व्यवस्था व शांति भंग होने की आशंका हैं। सितंबर, 2025  में उन्हें कारण बताओ नोटिस दिया गया। लेकिन जिला प्रशासन ने उनके स्पष्टीकरण को नजरअंदाज कर उनके विरुद्ध बिहार अपराध नियंत्रण कानून, 2024 के अंतर्गत कार्रवाई की।

एक महत्वपूर्ण बिंदु को जिला प्रशासन ने नजरअंदाज किया। प्रावधानों के अनुसार अगर चौबीस माह में किसी व्यक्ति के विरुद्ध थाने में दो मामलें दर्ज हो,तो उनके खिलाफ बिहार अपराध नियंत्रण कानून, 2024 के अंतर्गत कार्रवाई हो सकती हैं। लेकिन इस मामलें ऐसा कोई मामला  नहीं था। मनमाने ढंग से जिला प्रशासन द्वारा आदेश पारित किए जाने पर कोर्ट ने कड़ा आदेश पारित किया।