राजद नेता लल्लू मुखिया पर CCA बहाल, जून 2026 तक जेल में रहेंगे निरुद्ध: पटना हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

बाढ़ के चर्चित राजद नेता कर्णवीर सिंह यादव उर्फ लल्लू मुखिया की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पटना उच्च न्यायालय ने उनके विरुद्ध लगाए गए क्राइम कंट्रोल एक्ट (CCA) को बरकरार रखा है, जिसके तहत वे अब 10 जून 2026 तक जेल में ही निरुद्ध रहेंगे

राजद नेता लल्लू मुखिया पर CCA बहाल, जून 2026 तक जेल में रहें

Patna - बिहार के बाढ़ क्षेत्र के कद्दावर राजद नेता कर्णवीर सिंह यादव उर्फ लल्लू मुखिया की जमानत की उम्मीदों पर पटना उच्च न्यायालय ने पानी फेर दिया है। कोर्ट ने लल्लू मुखिया पर लगाए गए सीसीए (क्राइम कंट्रोल एक्ट) को बहाल रखने का फैसला सुनाया है। अब वह 10 जून 2026 तक जेल की सलाखों के पीछे ही रहेंगे। बता दें कि पटना के जिलाधिकारी ने 11 दिसंबर 2025 को उनके खिलाफ सीसीए का प्रस्ताव स्वीकृत किया था, जिसे चुनौती दी गई थी, लेकिन हाई कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर इसे सही माना है।

भागलपुर जेल के अति सुरक्षित वार्ड में शिफ्ट

 लल्लू मुखिया को वर्तमान में भागलपुर की विशेष केंद्रीय कारा के 'थर्ड सेक्टर' में रखा गया है, जिसे सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है। जेल आईजी के प्रशासनिक आदेश पर उन्हें बाढ़ जेल से भागलपुर शिफ्ट किया गया था। जिला प्रशासन का मानना है कि उनकी उपस्थिति से स्थानीय विधि-व्यवस्था प्रभावित हो सकती थी।

मर्डर केस और फरारी का मामला 

लल्लू मुखिया पर साल 2023 में नालंदा के कमलेश प्रसाद की हत्या का आरोप है, जो बाढ़ क्षेत्र में भूमि विवाद को लेकर हुई थी। इस मामले में लंबे समय तक फरार रहने और कुर्की-जब्ती की नौबत आने के बाद, उन्होंने 29 नवंबर 2025 को अदालत में आत्मसमर्पण किया था। तब से वे लगातार न्यायिक हिरासत में हैं और अब सीसीए लगने के बाद उनकी रिहाई की संभावनाएं फिलहाल खत्म हो गई हैं।