Bihar News: पटना नगर निगम ने रचा इतिहास! पहली बार वसूला 125 करोड़ का प्रॉपर्टी टैक्स, टूट गए पिछले सारे रिकॉर्ड
Bihar News: पटना नगर निगम ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। नगर निगम को वित्तीय वर्ष 2025-26 में करीब ₹125 करोड़ का रिकॉर्ड प्रॉपर्टी टैक्स मिला है जो अब तक का सबसे ज्यादा है।
Bihar News: पटना नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में संपत्ति कर संग्रहण के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस वर्ष निगम को करीब ₹125 करोड़ का रिकॉर्ड प्रॉपर्टी टैक्स प्राप्त हुआ जो अब तक का सर्वाधिक है। वहीं, सभी स्रोतों से कुल राजस्व संग्रहण लगभग ₹250 करोड़ रहा। नगर निगम ने अपील की है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अप्रैल से जून के बीच प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने पर मूल राशि पर 5% की छूट का लाभ उठाएं।
2.45 लाख से वसूली
नगर निगम क्षेत्र में कुल करीब 3 लाख 6 हजार होल्डिंग्स दर्ज हैं, जिनमें से 2 लाख 45 हजार होल्डिंग्स से इस वर्ष कर वसूली की गई। यह आंकड़ा निगम की बेहतर व्यवस्था और नागरिकों की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। सरकारी संपत्ति करदाताओं में भवन निर्माण विभाग (₹15.80 करोड़) शीर्ष पर रहा। इसके बाद ए.एन. कॉलेज (₹4.37 करोड़), सीआरपीएफ (₹1.12 करोड़), ऊर्जा विभाग (₹93.98 लाख) और पीएमसीएच (₹78.31 लाख) प्रमुख रहे।
विशेष सर्वे और OTS योजना का असर
महापौर सीता साहू ने बताया कि कर संग्रह बढ़ाने के लिए 375 सेक्टरों में 924 कर्मियों की टीम बनाकर विशेष सर्वेक्षण चलाया गया। बिजली बिल के आधार पर बिना होल्डिंग आईडी वाले भवनों की पहचान कर उन्हें टैक्स दायरे में लाया गया। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार की वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना के व्यापक प्रचार से बकायेदारों को ब्याज और जुर्माने में छूट का लाभ मिला। जिससे लोगों ने एकमुश्त भुगतान किया और रिकॉर्ड वसूली संभव हो सकी।
बकायेदारों पर सख्ती, 9435 को नोटिस
नगर आयुक्त के अनुसार 5 हजार रुपये से अधिक बकाया रखने वाले 9435 संपत्तिधारकों को चिन्हित कर नोटिस जारी किए गए और धावा दल के जरिए कार्रवाई की गई। लोगों की सुविधा के लिए टैक्स कलेक्शन काउंटर कार्यदिवस के साथ-साथ छुट्टियों में भी सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक खुले रहे। साथ ही डोर-टू-डोर कलेक्टर्स को ट्रेनिंग देकर रियल टाइम मॉनिटरिंग की गई।
SMS और कॉल सेंटर से जागरूकता अभियान
नगर निगम ने बड़े स्तर पर SMS अभियान चलाते हुए रोजाना करीब 5 लाख मैसेज भेजे। साथ ही कॉल सेंटर के जरिए बकायेदारों से लगातार संपर्क किया गया। सीनियर सिटिजंस के लिए घर-घर जाकर टैक्स कलेक्शन की सुविधा दी गई। साथ ही ई-रिक्शा और कचरा गाड़ियों के जरिए ट्रांजिट मीडिया में जिंगल चलाकर लोगों को जागरूक किया गया।
पटना से वंदना की रिपोर्ट