पटना नीट छात्रा केस: 11 परिजनों का DNA टेस्ट, भड़के मामा बोले - 'पुलिस कर रही प्रताड़ित, अब न्याय के लिए CBI चाहिए
पटना के चर्चित शंभू गर्ल्स हॉस्टल नीट छात्रा मामले में एसआईटी की जांच अब परिजनों के डीएनए (DNA) टेस्ट तक पहुंच गई है। पुलिस की इस कार्रवाई से आक्रोशित परिजनों ने एसआईटी पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए अब सीधे सीबीआई (CBI) जांच की मांग उठा दी है।
Patna - शंभू गर्ल्स हॉस्टल में हुई छात्रा की संदिग्ध मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए गठित एसआईटी टीम मंगलवार को परिजनों को लेकर गर्दनीबाग अस्पताल पहुंची। यहाँ पुलिस ने डीएनए जांच के लिए मृतका के परिवार के सदस्यों का ब्लड सैंपल कलेक्ट किया। बताया जा रहा है कि अब तक परिवार के लगभग 11 सदस्यों का सैंपल लिया जा चुका है, जिनमें मामा, भाई और अन्य करीबी रिश्तेदार शामिल हैं।
"मदद करना अब गुनाह लग रहा है": परिजनों का छलका दर्द
पुलिस की इस कार्यशैली से मृतका के परिजन काफी आहत दिखे। अस्पताल पहुंचे मृतका के भाई ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "हमें तो अब मदद करना भी गुनाह लग रहा है। पुलिस हमें और हमारे परिवार को अनावश्यक रूप से परेशान कर रही है।" परिजनों का आरोप है कि पुलिस मुख्य आरोपियों पर हाथ डालने के बजाय पीड़ित परिवार को ही जांच के घेरे में रखकर मानसिक रूप से टॉर्चर कर रही है।
एसआईटी की जांच पर उठाए सवाल, सीबीआई की मांग
परिजनों ने एसआईटी की जांच की दिशा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। चेहरे पर गमछा बांधे एक परिजन ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस उन रसूखदार लोगों से पूछताछ क्यों नहीं कर रही जिनका नाम इस केस से जुड़ रहा है। उन्होंने पूछा, "क्या बड़े नामों पर कभी जांच होगी? क्या उन्हें कभी रिमांड पर लिया जाएगा?" एसआईटी पर भरोसा कम होने के कारण अब परिजनों ने इस पूरे मामले की सीबीआई (CBI) जांच की मांग तेज कर दी है।
बढ़ता जांच का दायरा
गर्दनीबाग अस्पताल में लगभग 4 घंटे तक चली इस प्रक्रिया के बाद एसआईटी की टीम सभी सैंपल्स लेकर रवाना हो गई। पुलिस का मानना है कि डीएनए रिपोर्ट से मामले में कुछ महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य मिल सकते हैं। हालांकि, परिजनों का कहना है कि वे न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं और अगर जल्द ही कोई ठोस परिणाम नहीं निकला, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
Report - anil kumar