PMCH Patna Nurse Strike: PMCH में नर्सों की हड़ताल से त्राहिमाम, इलाज बंद

पटना के PMCH अस्पताल में भारी बवाल! सीनियर नर्स के पति के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाने और वीडियो बनाने पर जूनियर डॉक्टरों ने परिजनों को कमरे में बंद कर बेरहमी से पीटा.विरोध में नर्सों ने काम पूरी तरह बंद कर दिया है, जिससे इमरजेंसी सेवाएं ठप हो गई

pmch nurses agitate and boycott work emergency treatment sto
PMCH में नर्सों की हड़ताल से त्राहिमाम, इलाज बंद- फोटो : Reporter

बिहार के सबसे बड़े अस्पताल पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) में नर्सों ने एक साथ काम बंद कर दिया है, जिससे पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है. इस अचानक हुई हड़ताल के कारण अस्पताल की इमरजेंसी सेवाएं पूरी तरह ठप हो चुकी हैं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों में हाहाकार मचा हुआ है. मामला एक सीनियर नर्स के पति के इलाज में हुई कथित लापरवाही, उनकी मौत और उसके बाद जूनियर डॉक्टरों द्वारा परिजनों के साथ की गई मारपीट से जुड़ा हुआ है.


इलाज में लापरवाही और मरीज की मौत का आरोप

विवाद की शुरुआत तब हुई जब पिछले 20 वर्षों से पीएमएचसी में कार्यरत सीनियर स्टाफ नर्स लक्ष्मी कुमारी के 55 वर्षीय पति अरविंद कुमार सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई. दमा से पीड़ित अरविंद कुमार को 2 जुलाई को इमरजेंसी वार्ड के बाद पुराने एमआईसीयू के बेड नंबर 1 पर भर्ती कराया गया था. मृतक के बेटे शिवम कुमार का आरोप है कि डॉक्टरों द्वारा दी गई दवा के रिएक्शन के कारण उनके पिता की तबीयत बिगड़ी और ऑक्सीजन लेवल लगातार गिरने के बावजूद बार-बार गुहार लगाने पर भी डॉक्टरों ने ध्यान नहीं दिया.

वीडियो बनाने पर जूनियर डॉक्टरों द्वारा बेरहमी से मारपीट

परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने अपनी लापरवाही को छुपाने के लिए उन्हें वार्ड से बाहर निकाल दिया. जब बेटे ने डॉक्टरों की अनुपस्थिति का वीडियो बनाने की कोशिश की, तो वहां मौजूद 25 से 30 पीजी (जूनियर) डॉक्टर उग्र हो गए. उन्होंने शिवम और उनके भाई को खींचकर इमरजेंसी वार्ड के एक कमरे में बंद कर दिया और बेरहमी से पीटा. इस दौरान बीच-बचाव करने आईं उनकी मां (सीनियर नर्स) के साथ भी मारपीट और बदसलूकी की गई.

दोषियों पर कार्रवाई और सीसीटीवी फुटेज की मांग

इस घटना से आक्रोशित होकर नर्सों ने मंगलवार सुबह सात बजे से ही भारी बारिश के बीच छाता लेकर इमरजेंसी वार्ड के सामने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. आंदोलनकारी नर्सों की मांग है कि मारपीट करने वाले दोषी डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. नर्सों का कहना है कि न्याय के लिए घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जानी चाहिए, जिससे पूरी सच्चाई सामने आ सके.

प्रशासनिक समझौता नाकाम, मरीजों की बढ़ी मुश्किलें

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह तुरंत मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारी नर्सों व परिजनों को समझाकर मामला शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन नर्सें अपनी मांगों पर अड़ी रहीं और अनशन शुरू कर दिया. इस गतिरोध के कारण अस्पताल के वार्डों में भर्ती मरीजों की मुश्किलें बेहद बढ़ गई हैं. सुबह से किसी भी नर्स के ड्यूटी पर न आने के कारण मरीजों को समय पर सुई और दवाइयां नहीं मिल पा रही हैं.

रिपोर्ट- रंजीत कुमार