कोसी-मिथिलांचल को सौगात: डिप्टी सीएम बिजेंद्र यादव की पहल पर सुपौल-दरभंगा NH परियोजना को मिली हरी झंडी

डिप्टी सीएम विजेन्द्र यादव के प्रयास से बिहार के कोसी और मिथिलांचल क्षेत्र के विकास को एक नई रफ्तार मिलने जा रही है। केन्द्र सरकार ने सुपौल-दरभंगा एनएच परियोजना के लिए डीपीआर तैयार करने का अधिकारिक निर्देश जारी कर दिया है....

कोसी-मिथिलांचल को सौगात: डिप्टी सीएम बिजेंद्र यादव की पहल पर
कोसी-मिथिलांचल को सौगात- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : बिहार के कोसी और मिथिलांचल क्षेत्र के विकास को एक नई रफ्तार मिलने जा रही है। सुपौल से दरभंगा तक नए राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) के निर्माण की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा कदम उठाया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को इस प्रस्तावित सड़क परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार करने का आधिकारिक निर्देश जारी कर दिया है। मंत्रालय के अवर सचिव जया प्रकाश द्वारा जारी पत्र के अनुसार, सक्षम प्राधिकारी ने सुपौल से बैरिया मंच, मरौना और मधेपुर होते हुए दरभंगा तक एनएच निर्माण के लिए डीपीआर तैयार कराने का निर्णय लिया है। मंत्रालय ने NHAI से कहा है कि वे प्रस्तावित सड़क की व्यवहार्यता का अध्ययन कर जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपें ताकि वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ सके।


डिप्टी सीएम की कोशिशें लाईं रंगगडकरी का वादा हो रहा पूरा

इस महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने और गति देने में बिहार के उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव के प्रयासों की सबसे अहम भूमिका रही है। उन्होंने लंबे समय से सुपौल से दरभंगा तक कनेक्टिविटी की इस मांग को विभिन्न स्तरों पर पुरजोर तरीके से उठाया था। मालूम हो कि केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सुपौल की एक चुनावी सभा में मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव के विशेष आग्रह पर कोसी नदी पर बैरिया मंच से सड़क और उच्चस्तरीय पुल बनाने की घोषणा की थी, जो अब केंद्रीय मंत्रालय के पत्र के बाद धीरे-धीरे मूर्तरूप लेने लगी है।


लाखों की आबादी को मिलेगा सीधा लाभसुगम होगा सफर

यह सड़क परियोजना कोसी और मिथिलांचल क्षेत्र के लोगों की वर्षों पुरानी और प्रमुख मांगों में से एक रही है। नया राष्ट्रीय राजमार्ग बनने से न केवल दोनों प्रमंडलों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा, बल्कि सड़क परिवहन भी पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और सुगम होगा। इस मार्ग के निर्माण से सुपौल, मरौना, मधेपुर (मधुबनी) और दरभंगा समेत आसपास के कई प्रखंडों के लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके साथ ही कोसी नदी पर बनने वाले उच्चस्तरीय पुल से इस इलाके की भौगोलिक दूरियां बेहद सिमट जाएंगी।


आर्थिक और व्यापारिक गतिविधियों को लगेंगे पंख

इस नए एनएच के निर्माण से क्षेत्र के समग्र विकास का रास्ता साफ होगा। कनेक्टिविटी मजबूत होने से स्थानीय कृषि उत्पादों के परिवहन, व्यापारिक लेन-देन, शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं तक आम लोगों की पहुंच बेहद आसान हो जाएगी। क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों के बढ़ने से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। हालांकि, परियोजना अभी अपने प्रारंभिक चरण में है। डीपीआर तैयार होने और व्यवहार्यता (Feasibility) रिपोर्ट मिलने के बाद ही सड़क की कुल लंबाई, अंतिम अलाइनमेंट, निर्माण लागत और भूमि अधिग्रहण की समय-सीमा तय की जाएगी, जिसके बाद केंद्र सरकार अंतिम मंजूरी देकर निर्माण कार्य शुरू कराएगी।


नेताओं और स्थानीय जनता ने जताया आभार

केंद्र सरकार और मंत्रालय के इस फैसले को सुपौल और मिथिलांचल क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर माना जा रहा है। स्थानीय जनता में इस घोषणा के बाद से भारी उत्साह है और लोगों का मानना है कि इस पहल से उनकी वर्षों पुरानी मुराद पूरी होने की उम्मीद जगी है। इस बड़ी उपलब्धि के लिए एनडीए गठबंधन के नेताओं और स्थानीय कार्यकर्ताओं ने उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव सहित केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट