NEET Student Rape Death: शंभू गर्ल्स हॉस्टल पहुंची पटना पुलिस, मृतका के कमरे का किया निरीक्षण, होगा बड़ा खुलासा

NEET Student Rape Death:

पटना पुलिस
शंभू गर्ल्स हॉस्टल पहुंची पुलिस - फोटो : reporter

NEET Student Rape Death: पटना में नीट छात्रा की संदेहास्पद मौत के मामले में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने जांच तेज कर दी है। मुख्यालय के आदेश पर गठित इस टीम को कमजोर वर्ग एडीजी, आईजी, एक महिला डीएसपी, इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी और एक दरोगा स्तर के पदाधिकारी शामिल हैं। टीम को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपने की जिम्मेदारी दी गई है। इस मामले में बड़ा खुलासा हो सकता है।  

शंभू गर्ल्स हॉस्टल पहुंची पुलिस टीम 

एसआईटी गठन के साथ ही कई पुलिस अधिकारियों और पदाधिकारियों को जांच से अलग रखा गया है। जिससे जांच का दायरा लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। इसी क्रम में एसआईटी की टीम सोमवार को शंभू गर्ल्स हॉस्टल पहुंची। टीम के साथ कमजोर वर्ग एडीजी-आईजी, पटना एसएसपी, पूर्वी एसपी, पटना सदर एएसपी और चित्रगुप्त नगर थानाध्यक्ष भी मौजूद रहीं। जांच दल ने मृतका के कमरे का निरीक्षण किया और संबंधित बिंदुओं की गहनता से जांच की। इसके बाद एसआईटी की टीम पटना के राजेंद्र नगर टर्मिनल के सामने स्थित सहज सर्जरी क्लिनिक (डॉ. सहजानंद) पहुंची। जहां मामले से जुड़े पहलुओं पर पूछताछ और जांच की गई। यहां भी जांच दल के साथ चित्रगुप्त नगर थानाध्यक्ष नजर आईं।

थानाध्यक्ष की भूमिका संदिग्ध 

लंबी कार्रवाई के बाद एसआईटी टीम कदमकुआं थाना क्षेत्र के राजेंद्र नगर स्थित डॉ. प्रभात मेमोरियल अस्पताल पहुंची। जहां मृतका के इलाज से जुड़े दस्तावेजों और तथ्यों की जांच की गई। इस दौरान भी चित्रगुप्त नगर थानाध्यक्ष जांच दल के साथ कंधे से कंधा मिलाकर मौजूद दिखीं। हालांकि मौके पर मौजूद पत्रकारों से बातचीत के दौरान वह कैमरे से बचती नजर आईं। इधर, मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया है कि मामले की लीपापोती में चित्रगुप्त नगर थानाध्यक्ष की भूमिका संदिग्ध रही है। 

पुलिस जांच जारी 

ऐसे में जांच टीम के साथ हर जगह उनकी मौजूदगी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। गौरतलब है कि पटना के इस चर्चित नीट छात्रा मौत मामले में मेडिकल रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की पुष्टि के बाद पुलिस को भारी आलोचना का सामना करना पड़ा था। इसके बाद मुख्यालय के निर्देश पर पुरानी जांच से अलग एक नई एसआईटी गठित कर दोबारा अनुसंधान शुरू किया गया है।

पटना से अनिल की रिपोर्ट