Patna Municipal Corporation:30 सितंबर तक खुद तय करें प्रॉपर्टी टैक्स, फिर घर पहुंचेगी निगम की टीम, नहीं किया निर्धारण तो इतना चुकाना पड़ेगा जुर्माना

Patna Municipal Corporation: पटना नगर निगम ने शहर के प्रॉपर्टी मालिकों को संपत्ति कर को लेकर बड़ी राहत के साथ सख्त चेतावनी भी दी है।

Patna Property Tax
खुद तय करें प्रॉपर्टी टैक्स- फोटो : social Media

Patna Municipal Corporation:  पटना नगर निगम ने शहर के प्रॉपर्टी मालिकों को संपत्ति कर को लेकर बड़ी राहत के साथ सख्त चेतावनी भी दी है। अब लोग 30 सितंबर तक अपनी नई प्रॉपर्टी का टैक्स खुद निर्धारित कर उसका भुगतान कर सकते हैं। इसके बाद नगर निगम की ओर से 1 अक्टूबर से स्थल निरीक्षण शुरू किया जाएगा। जांच के दौरान अगर किसी प्रॉपर्टी का टैक्स निर्धारित नहीं पाया गया तो संबंधित संपत्ति पर 100 प्रतिशत पेनाल्टी लगाई जाएगी और निगम की ओर से टैक्स का निर्धारण भी किया जाएगा।

नगर निगम की टीम बकायेदारों तक पहुंचने के लिए डोर-टू-डोर अभियान चलाएगी। निगमकर्मी घर-घर जाकर प्रॉपर्टी टैक्स के बकायेदारों से संपर्क करेंगे और उन्हें 30 सितंबर तक बकाया कर जमा करने के लिए जागरूक करेंगे। निगम की ओर से स्पष्ट किया गया है कि 1 अक्टूबर के बाद बकाया राशि पर हर महीने 1.5 प्रतिशत पेनाल्टी देनी होगी।

स्थल निरीक्षण के दौरान निगम की टीम संपत्ति से जुड़ी कई जानकारियों की जांच करेगी। इसमें भवन में कितने फ्लोर हैं, कुल क्षेत्रफल कितना है, संपत्ति का इस्तेमाल आवासीय, गैर-आवासीय, स्व-उपयोग या किराये के लिए हो रहा है, इसकी पड़ताल की जाएगी। इसके अलावा संपत्ति जिस सड़क पर स्थित है, उसकी श्रेणी भी देखी जाएगी। सड़क को प्रधान मुख्य सड़क, मुख्य सड़क या अन्य सड़क की श्रेणी के आधार पर टैक्स निर्धारण में शामिल किया जाएगा।

नगर निगम ने टैक्स भुगतान की प्रक्रिया को भी डिजिटल बनाने पर जोर दिया है। स्थल निरीक्षण के लिए जाने वाले निगमकर्मियों को क्यूआर कोड उपलब्ध कराया गया है। संपत्ति मालिक इस क्यूआर कोड को स्कैन कर मौके पर ही ऑनलाइन प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान कर सकेंगे। निगम ने कर्मियों को निर्देश दिया है कि भुगतान की प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से ही कराई जाए।

निगमकर्मियों के पास नकद राशि जमा करने की व्यवस्था नहीं होगी। यानी कर्मचारी डोर-टू-डोर अभियान के दौरान कैश में प्रॉपर्टी टैक्स स्वीकार नहीं कर सकेंगे। अगर कोई व्यक्ति नकद भुगतान करना चाहता है तो उसे नगर निगम कार्यालय स्थित अधिकृत टैक्स काउंटर पर जाकर राशि जमा करनी होगी।नगर निगम की इस कवायद का मकसद शहर की संपत्तियों का सही रिकॉर्ड तैयार करने के साथ टैक्स व्यवस्था को व्यवस्थित करना और बकाया राजस्व की वसूली बढ़ाना है। ऐसे में प्रॉपर्टी मालिकों के लिए 30 सितंबर की समयसीमा अहम है, क्योंकि इसके बाद निगम की जांच और पेनाल्टी का दौर शुरू हो जाएगा।