Patna migratory birds:पटना सचिवालय के पास दिखे रूस-चीन के प्रवासी पक्षी, राजधानी जलाशय बना नया ठिकाना
Patna migratory birds: राजधानी पटना का सचिवालय जलाशय बना प्रवासी पक्षियों का नया बसेरा, रूस-चीन समेत कई देशों से आए हजारों पक्षी।
Patna migratory birds: अगर आप रूस, चीन या यूरोप के खूबसूरत प्रवासी पक्षियों को देखने की इच्छा रखते हैं, तो इसके लिए विदेश जाने की जरूरत नहीं है। राजधानी पटना में मुख्य सचिवालय के पास स्थित राजधानी जलाशय इन दिनों प्रवासी पक्षियों का प्रमुख ठिकाना बन चुका है। ठंड के मौसम में अनुकूल तापमान और पर्याप्त जलस्तर के कारण यहां पक्षियों का अभूतपूर्व जमावड़ा देखने को मिल रहा है। जलाशय पानी से लबालब है और चारों ओर फैली हरियाली इसे पक्षियों के लिए सुरक्षित और आकर्षक आश्रय स्थल बना रही है। सुबह और शाम के समय पक्षियों की उड़ान और उनकी मधुर चहचहाहट पूरे इलाके को जीवंत बना देती है।
रूस, चीन और यूरोप से पहुंचे हजारों मेहमान पक्षी
राजधानी जलाशय में इस बार बड़ी संख्या में ऐसे प्रवासी पक्षी देखे जा रहे हैं, जो हजारों किलोमीटर की लंबी यात्रा तय कर यहां पहुंचे हैं। इनमें रूस, चीन, तिब्बत, नॉर्थ यूरोप, ईरान, अफगानिस्तान, उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका और ब्राजील जैसे दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाली प्रजातियां शामिल हैं। इन पक्षियों ने पटना के इस जलाशय को अपना अस्थायी घर बना लिया है, जिससे राजधानी का यह इलाका प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत केंद्र बन गया है।
कौन-कौन से पक्षी आ रहे हैं नजर
यहां प्रमुख रूप से कांब डक, गड़वाल, पिनटेल, कूट, लालसर और लेसर विसलिंग डक जैसी प्रवासी प्रजातियां देखी जा रही हैं। इनके साथ ही स्थानीय पक्षियों की भी अच्छी मौजूदगी है, जिनमें हाउस क्रो, कॉमन मैना, एशियन कोयल, स्पॉटेड डव और कॉलर्ड डव शामिल हैं।इन सभी पक्षियों का सामूहिक कलरव जलाशय के वातावरण को और अधिक आकर्षक बना देता है।
ठंड और पानी ने बढ़ाई पक्षियों की संख्या
इस साल सर्दी की शुरुआत से ही तापमान पक्षियों के अनुकूल बना हुआ है। यही वजह है कि राजधानी जलाशय में लगभग चार से पांच हजार प्रवासी पक्षियों की मौजूदगी दर्ज की गई है। साफ पानी, प्राकृतिक भोजन और शांत माहौल ने पक्षियों को यहां लंबे समय तक ठहरने के लिए प्रेरित किया है।
वन विभाग की निगरानी में जलाशय
राजधानी जलाशय का प्रबंधन वन विभाग द्वारा किया जाता है। हाल ही में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी राजधानी वाटिका का भ्रमण किया था और यहां पर्यटकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की थी। इस क्षेत्र में नियमित रूप से पक्षी प्रेमी और प्रकृति प्रेमी बड़ी संख्या में पहुंचते हैं और घंटों बैठकर इस अद्भुत नजारे का आनंद लेते हैं।
पटना बना बर्ड वॉचिंग का नया केंद्र
प्रवासी पक्षियों की बढ़ती संख्या ने राजधानी पटना को बर्ड वॉचिंग के एक नए केंद्र के रूप में स्थापित कर दिया है। यह न सिर्फ पर्यावरणीय संतुलन का संकेत है, बल्कि पर्यटन की दृष्टि से भी बिहार के लिए एक सकारात्मक संदेश देता है।