ठगी की आग में झुलसा बेकसूर पिता: पटना पुलिस की दबिश से छूटे अपहृत पोस्टमास्टर,ठग बेटा अब भी फरार
पटना जिले के दनियावां थाना क्षेत्र में एक ऐसा मामला प्रकाश में आया है जहां बेटे की कथित धोखाधड़ी का खामियाजा उसके बेकसूर पिता को भुगतना पड़ा। जब न तो नौकरी मिली और न ही पैसे वापस हुए, तो गुस्साए पीड़ितों ने अनु सोनी के का अपहरण कर लिया
पटना जिले के दनियावां थाना क्षेत्र में एक ऐसा मामला प्रकाश में आया है जहां बेटे की कथित धोखाधड़ी का खामियाजा उसके बेकसूर पिता को भुगतना पड़ा। आरोप है कि एरई बेनीपुर निवासी अनु सोनी कुमार ने साल 2019 से 2024 के बीच दर्जनों लोगों को सिविल कोर्ट में क्लर्क की नौकरी दिलाने का झांसा दिया और उनसे करीब 35 से 40 लाख रुपये की ठगी की। जब लंबे समय तक न तो नौकरी मिली और न ही पैसे वापस हुए, तो गुस्साए पीड़ितों ने अनु सोनी के 55 वर्षीय पिता रवींद्र प्रसाद का अपहरण कर लिया। रवींद्र प्रसाद पोस्ट ऑफिस में ब्रांच पोस्टमास्टर के पद पर कार्यरत हैं और ड्यूटी के दौरान ही उन्हें निशाना बनाया गया।
रास्ते से अगवा कर बधारों में छिपाया: दहशत की रात
मंगलवार को रवींद्र प्रसाद जब डाक बांटकर अपने घर लौट रहे थे, तभी घात लगाए बैठे कुछ लोगों ने उन्हें रास्ते से ही उठा लिया। अपहरणकर्ता उन्हें पुलिस से बचाने के लिए खुसरूपुर और दनियावां के बधार (खेतों वाले इलाके) में अलग-अलग जगहों पर छिपाकर रखते रहे। घटना की जानकारी मिलते ही हड़कंप मच गया और रवींद्र प्रसाद की बहू स्वर्णरेखा देवी ने तुरंत दनियावां थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की संजीदगी को देखते हुए फौरन छापेमारी शुरू की और आरोपियों की तलाश में जुट गई।
पुलिस की दबिश और मोबाइल लोकेशन से मिली कामयाबी
अपर थानाध्यक्ष सरोज कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने एक संदिग्ध का मोबाइल नंबर ट्रैक करना शुरू किया। पुलिस की तकनीकी टीम ने जब लोकेशन ट्रेस की, तो पता चला कि आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहे हैं। पूरी रात पुलिस की टीमें अलग-अलग गांवों और संदिग्ध ठिकानों पर दबिश देती रहीं। पुलिस के बढ़ते दबाव और चारों तरफ से घेराबंदी देख अपहरणकर्ताओं के हौसले पस्त हो गए। बुधवार को जब पुलिस अलावलपुर और दलानीचक गांव के करीब पहुंची, तो पकड़े जाने के डर से अपहरणकर्ता रवींद्र प्रसाद को खेत की मेड़ पर अकेला छोड़कर फरार हो गए।
पंचायत से नहीं निकला हल, अब कानूनी कार्रवाई की तैयारी
बताया जा रहा है कि ठगी के इस मामले को सुलझाने के लिए स्थानीय स्तर पर कई बार पंचायतें भी बुलाई गई थीं, लेकिन आरोपी अनु सोनी कुमार ने पैसे वापस करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। इसी हताशा में पीड़ितों ने कानून हाथ में ले लिया। फिलहाल, पुलिस ने रवींद्र प्रसाद को सुरक्षित बरामद कर लिया है और उनका बयान दर्ज किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि अपहरण करने वालों के साथ-साथ ठगी के आरोपी बेटे के खिलाफ भी जांच की जा रही है और इस पूरे मामले में शामिल सभी दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।