पटना में मर्डर की साजिश नाकाम:STF ने रंगे हाथ पकड़े 3 कॉन्ट्रैक्ट किलर,हथियार और कारतूस बरामद

पटना के कदमकुआं में एसटीएफ ने एक प्रॉपर्टी डीलर की हत्या की साजिश को नाकाम करते हुए तीन कॉन्ट्रैक्ट किलर्स को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने हत्या के लिए 8 लाख की सुपारी ली थी. आरोपियों के पास से हथियार और कारतूस बरामद किए गए हैं.

Patna STF Action Contract Killer Arrested
सटीएफ ने रंगे हाथ पकड़े 3 कॉन्ट्रैक्ट किलर, हथियार और कारतूस बरामद- फोटो : news 4 nation

राजधानी पटना के कदमकुआं थाना इलाके में बिहार एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है. टीम ने एक प्रॉपर्टी डीलर की हत्या की योजना बना रहे तीन शातिर बदमाशों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार अपराधियों के पास से दो देशी पिस्तौल, छह जिंदा कारतूस और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं. पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से राजधानी में एक बड़ी वारदात होने से पहले ही टल गई.


8 लाख की सुपारी और शातिर अपराधी

पकड़े गए बदमाशों में वैशाली के बिदुपुर निवासी पंकज कुमार यादव, फतुहा के सुकुलपुर निवासी करण कुमार और रोहित कुमार उर्फ बहादुर शामिल हैं. मुख्य आरोपी पंकज कुमार यादव एक शातिर अपराधी है, जिसने एक प्रॉपर्टी डीलर को रास्ते से हटाने के लिए 8 लाख रुपये की भारी-भरकम सुपारी ली थी. ये तीनों बदमाश वैशाली और फतुहा से कदमकुआं इलाके में पहुंचे थे और हत्या की नीयत से घात लगाकर बैठे थे, तभी एसटीएफ ने घेराबंदी कर उन्हें दबोच लिया.


गिरफ्तार बदमाशों का पुराना आपराधिक इतिहास

गिरफ्तार किए गए बदमाशों का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड रहा है. मुख्य शूटर पंकज कुमार यादव के खिलाफ पटना के कदमकुआं और फतुहा थाने में आर्म्स एक्ट के चार मामले दर्ज हैं. वहीं, दूसरे आरोपी करण कुमार के खिलाफ हत्या और आर्म्स एक्ट के तीन गंभीर केस पहले से ही दर्ज हैं. यह गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है क्योंकि ये पेशेवर अपराधी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए पूरी तरह तैयार थे.


पुलिस की सतर्कता से टला बड़ा हादसा

एसटीएफ को इस पूरी साजिश की गुप्त जानकारी समय रहते मिल गई थी. सूत्रों का कहना है कि अगर एसटीएफ की टीम छापेमारी करने में जरा भी देरी करती, तो प्रॉपर्टी डीलर की हत्या की घटना घट चुकी होती. फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से सघन पूछताछ कर रही है ताकि इस साजिश के पीछे सुपारी देने वाले मास्टरमाइंड का पता लगाया जा सके और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य अपराधियों की पहचान की जा सके.