पटना में अब हर वार्ड में होंगे नगर मित्र , राजधानी में हर वार्ड बनेगा निगरानी का मोर्चा, नगर शत्रु पर कसेगा शिकंजा, पीएमसी की बड़ी प्लानिंग, जानिए

Patna News: स्वच्छता को मुद्दा, जनभागीदारी को हथियार और जवाबदेही को नारा बनाकर पटना नगर निगम ने हर वार्ड में एक नगर मित्र तैनात करने का फैसला किया है।...

Patna to Deploy Nagar Mitras in Every Ward Civic Body Cracks
पटना में अब हर वार्ड में होंगे नगर मित्र- फोटो : social Media

Patna News:पटना की सियासत में अब सड़क, नाली और कूड़े की गलियों से नई इबारत लिखी जा रही है। स्वच्छता को मुद्दा, जनभागीदारी को हथियार और जवाबदेही को नारा बनाकर पटना नगर निगम ने हर वार्ड में एक नगर मित्र तैनात करने का फैसला किया है। इस पहल को नगर निगम शहर की साख और स्वच्छ सर्वेक्षण रैंकिंग सुधारने की रणनीति के तौर पर देख रहा है, तो वहीं सियासी गलियारों में इसे निगरानी की नई राजनीति कहा जा रहा है।

बुधवार को शुरू हुए इस जनभागीदारी कार्यक्रम के तहत हर वार्ड से एक ऐसा नगर मित्र चुना जाएगा, जो अपने इलाके में सफाई का पहरेदार होगा। यह नगर मित्र अपने घर के आसपास 10 घरों के दायरे में गलियों, सड़कों और सार्वजनिक जगहों पर पैनी नजर रखेगा। नालियों में कचरा फेंकने या खुले में गंदगी फैलाने की कोई भी हरकत सीधे अफसरों तक पहुंचाई जाएगी। यानी अब लापरवाही पर पर्दा डालना आसान नहीं होगा।

नगर मित्र की भूमिका सिर्फ रिपोर्टिंग तक सीमित नहीं होगी। वह मोहल्ले के लोगों को कचरा अलग-अलग रखने, घर-घर कचरा संग्रह के नियमों का पालन करने और प्लास्टिक के इस्तेमाल में कटौती के लिए जागरूक करेगा। इसे प्रशासन जन आंदोलन का नाम दे रहा है, जहां हुकूमत और आवाम मिलकर सफाई की लड़ाई लड़ेंगे।

चयन प्रक्रिया की कमान सैनिटरी इंस्पेक्टर और सिटी मैनेजर के हाथ में होगी। उम्मीदवार की साख परखने के लिए पड़ोसियों से भी फीडबैक लिया जाएगा, ताकि कोई विवादित चेहरा इस जिम्मेदारी तक न पहुंचे। चुने गए नगर मित्रों की तस्वीरें पटना स्मार्ट सिटी के वेरिएबल मैसेज डिस्प्ले स्क्रीन पर दिखाई जाएंगी, जिससे उनकी पहचान और जवाबदेही दोनों सार्वजनिक होंगी।

यह पूरी कवायद उस वक्त शुरू हुई है, जब नगर शत्रु यानी कचरा फैलाने वालों के खिलाफ नगर निगम पहले ही मोर्चा खोल चुका है। अब तक 2,000 उल्लंघनकर्ताओं की पहचान की जा चुकी है। आंकड़े बताते हैं कि राजधानी क्षेत्र में 650 नगर शत्रु पकड़े गए हैं, जबकि बांकीपुर, पाटलिपुत्र, कंकड़बाग, पटना सिटी और अजीमाबाद में भी बड़ी संख्या सामने आई है।

सवाल यही है कि क्या नगर मित्र सफाई की सियासत को जमीन पर उतार पाएंगे, या यह योजना भी फाइलों और नारों तक सिमट कर रह जाएगी। फिलहाल इतना तय है कि पटना में स्वच्छता अब सिर्फ प्रशासनिक मुद्दा नहीं, बल्कि राजनीतिक एजेंडा बन चुकी है।