Patna News: पटना में 60 साल पुरानी लीज खत्म! 432 एकड़ संपत्ति होगी फ्री-होल्ड, आज बड़ा फैसला

Patna News: राजधानी पटना में दशकों पुरानी लीज संपत्तियों को लेकर आज बड़ा फैसला हो सकता है। पटना नगर निगम बोर्ड की विशेष बैठक में शहर के नौ प्रमुख इलाकों में करीब 432 एकड़ लीज संपत्ति को फ्री-होल्ड करने के प्रस्ताव पर चर्चा होगी।...

patna nagar Nigam

Patna News: राजधानी पटना में दशकों पुरानी लीज संपत्तियों को लेकर आज बड़ा फैसला हो सकता है। पटना नगर निगम बोर्ड की विशेष बैठक में शहर के नौ प्रमुख इलाकों में करीब 432 एकड़ लीज संपत्ति को फ्री-होल्ड करने के प्रस्ताव पर चर्चा होगी। बोर्ड से प्रस्ताव पास होने के बाद इसे राज्य सरकार और कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।अगर प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिलती है तो राजेंद्रनगर, श्रीकृष्णापुरी, कंकड़बाग, ट्रांसपोर्ट नगर समेत कई प्रमुख इलाकों में दशकों से लीज पर रह रहे लोगों को अपनी संपत्ति पर मालिकाना हक हासिल करने का रास्ता साफ हो जाएगा।इन इलाकों में करीब छह दशक पहले लोगों को फ्लैट, प्लॉट, दुकान और मकान लीज पर आवंटित किए गए थे। इनमें पटना सुधार न्यास और बाद में पटना क्षेत्रीय विकास प्राधिकार (PRDA) की संपत्तियां भी शामिल हैं।समय के साथ इन संपत्तियों का प्रशासनिक नियंत्रण पटना नगर निगम के अधीन आया, लेकिन बड़ी संख्या में लीज संपत्तियां अब तक फ्री-होल्ड नहीं हो सकीं।इस वजह से संपत्ति मालिकों को म्यूटेशन, हस्तांतरण और मालिकाना हक से जुड़े कामों में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।

नगर निगम प्रशासन ने नौ प्रमुख इलाकों की लीज संपत्तियों का आकलन किया है। इनका कुल रकबा करीब 432 एकड़ बताया गया है।

इलाका                                                            लीज भूमि

राजेंद्रनगर योजना संख्या-1                          198 एकड़

कंकड़बाग, PIT कॉलोनी                             5.50 एकड़

मौजा दुजरा, बुद्ध कॉलोनी                            27.70 एकड़

चितकोहरा, मईचक, बेडर व हरनीचक        18.03 एकड़

दीघा, गंगा किनारे                                      13 एकड़

मौर्यालोक व्यावसायिक परिसर                    7.21 एकड़

श्रीकृष्णापुरी आवासीय कॉलोनी                    64 एकड़

मीठापुर                                                      59.69 एकड़

जकरियापुर                                               38.94 एकड़

इन इलाकों में आवासीय के साथ-साथ व्यावसायिक संपत्तियां भी शामिल हैं।मूल आवंटी को 10%, दूसरे आवंटी को 12% शुल्क,विशेष बैठक में सबसे अहम चर्चा फ्री-होल्ड करने के लिए लिए जाने वाले शुल्क पर होगी।प्रस्ताव के मुताबिक मूल आवंटी से वर्तमान सर्किल रेट यानी एमबीआर का 10 फीसदी और द्वितीय आवंटी से 12 फीसदी शुल्क लिया जा सकता है। शुल्क जमा करने के बाद संबंधित लीज धारक को संपत्ति पर मालिकाना हक देने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।इससे उन लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है जिन्होंने वर्षों पहले लीज पर जमीन या मकान लिया था, लेकिन आज तक संपत्ति को पूरी तरह अपने नाम फ्री-होल्ड नहीं करा पाए हैं।

इस मामले में अदालत का आदेश भी अहम है। 20 अगस्त 2024 को हाईकोर्ट ने निगम की 50 फीसदी लाभांश की मांग को अवैध बताते हुए खारिज कर दिया था।इसके बाद फ्री-होल्ड के लिए प्रस्तावित शुल्क को अपेक्षाकृत कम रखने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।निगम की पिछली बोर्ड बैठक में लीज संपत्तियों से संबंधित पूरा ब्योरा संलेख में नहीं होने के कारण पार्षदों ने आपत्ति जताई थी। इसके बाद अब दोबारा विशेष बैठक बुलाकर पूरे प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की जा रही है।

फ्री-होल्ड की प्रक्रिया से सिर्फ संपत्ति मालिकों को ही राहत मिलने की उम्मीद नहीं है, बल्कि नगर निगम के खजाने को भी फायदा हो सकता है।नगर निगम प्रशासन का अनुमान है कि इन संपत्तियों को फ्री-होल्ड करने की प्रक्रिया से करीब 150 से 200 करोड़ रुपये तक राजस्व प्राप्त हो सकता है।अदालती विवाद और लगातार मुकदमेबाजी के कारण निगम को राजस्व नुकसान का सामना करना पड़ रहा था। इसी को देखते हुए बिहार राज्य आवास बोर्ड और BIADA की तर्ज पर लीज संपत्तियों को फ्री-होल्ड करने की नीति पर आगे बढ़ा जा रहा है।

विशेष बैठक में प्रस्ताव पर चर्चा के बाद इसे नगर निगम बोर्ड से मंजूरी मिलने की उम्मीद है। हालांकि बोर्ड की स्वीकृति अंतिम फैसला नहीं होगी।इसके बाद प्रस्ताव को राज्य सरकार और कैबिनेट की मंजूरी लेनी होगी। सरकार की हरी झंडी मिलने के बाद ही लीज धारकों को संपत्ति का फ्री-होल्ड मालिकाना हक देने की प्रक्रिया पूरी तरह आगे बढ़ सकेगी।

अगर यह प्रस्ताव अंतिम रूप से लागू होता है तो पटना के कई पुराने और प्रमुख इलाकों में रहने वाले लोगों की वर्षों पुरानी परेशानी दूर हो सकती है। फ्री-होल्ड होने के बाद संपत्ति के हस्तांतरण और दाखिल-खारिज से जुड़े मामलों में भी स्पष्टता आने की उम्मीद है।यानी आज की विशेष बैठक पटना की करीब 432 एकड़ पुरानी लीज संपत्तियों के लिए अहम पड़ाव है। बोर्ड की मुहर और उसके बाद सरकार की मंजूरी मिलती है तो छह दशक पुरानी लीज व्यवस्था से निकलकर हजारों संपत्तियां फ्री-होल्ड मालिकाना हक की तरफ बढ़ सकती हैं।