पटना के दीघा घाट पर बनेगा हाईटेक शवदाह गृह, अब धुएं से मिलेगी मुक्ति, शुरू होगी आधुनिक अंत्येष्टि व्यवस्था,सीमित मात्रा में होगा लकड़ी का इस्तेमाल

अब अंत्येष्टि की पुरानी परंपरा में बड़ा तब्दीली आने जा रही है। पटना में पहली बार गैस आधारित आधुनिक शवदाह गृह के निर्माण का फैसला लिया गया है...

Patna to Transform Funerals LPG
पटना में बदलेगा अंतिम सफर का अंदाज- फोटो : Hiresh Kumar

Patna News: राजधानी पटना से एक अहम अहम खबर सामने आई है, जहां अब अंत्येष्टि की पुरानी परंपरा में बड़ा तब्दीली आने जा रही है। शहर में पहली बार गैस आधारित आधुनिक शवदाह गृह के निर्माण का फैसला लिया गया है,जो न सिर्फ़ साफ-सुथरा बल्कि पर्यावरण अनुकूल भी होगा। इस नई पहल को पटना नगर निगम अंजाम दे रहा है, जिसमें एलपीजी गैस के जरिए दाह संस्कार की प्रक्रिया मुकम्मल की जाएगी।

शनिवार को नगर निगम मुख्यालय में एक अहम बैठक के दौरान इस प्रोजेक्ट को लेकर पटना नगर निगम और ईशा फाउंडेशन की अनुषंगी संस्था ईशा आउटरीच के दरमियान कॉन्ट्रैक्ट एग्रीमेंट पर दस्तखत किए गए। इस मौके पर महापौर सीता साहू और नगर आयुक्त यशपाल मीणा भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस पहल को शहर के लिए एक बड़ा और जरूरी कदम करार दिया।

नगर निगम की तरफ से अभियंता बिंदू रजक और ईशा आउटरीच की तरफ से युवराजन ए ने इस समझौते पर दस्तखत किए। इस दौरान प्रोजेक्ट का एक मुकम्मल प्रेजेंटेशन भी पेश किया गया, जिसमें इस आधुनिक शवदाह गृह की खूबियों को बखूबी समझाया गया।

महापौर सीता साहू ने कहा कि वक्त की मांग है कि अंत्येष्टि सेवाओं को ज्यादा व्यवस्थित और साफ-सुथरा बनाया जाए। उन्होंने बताया कि पारंपरिक रस्मो-रिवाज को बरकरार रखते हुए शुरुआती विधियों के बाद एलपीजी आधारित दाह प्रक्रिया अपनाई जाएगी। साथ ही धार्मिक एहतियात के तौर पर सीमित मात्रा में लकड़ी का इस्तेमाल भी किया जाएगा, ताकि लोगों की आस्था को कोई ठेस न पहुंचे।

नगर आयुक्त ने खुलासा किया कि दीघा घाट पर बनने वाले इस हाईटेक शवदाह गृह में चार एलपीजी फर्नेस, इंतजारगाह, प्रशासनिक इमारत, जरूरी सहूलियतें, मंदिर और खूबसूरत लैंडस्केपिंग शामिल होगी। खास बात यह है कि बिहार सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए 2.11 एकड़ जमीन 33 साल के लिए महज़ 1 रुपये के सांकेतिक किराये पर मुहैया कराई है।