तेज प्रताप यादव की उम्मीदवार वीणा मानवी को बड़ी राहत, गिरफ्तारी के तुरंत बाद कोर्ट से मिली जमानत
तेज प्रताप यादव की पार्टी की प्रत्याशी वीणा मानवी को पटना पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। केस संख्या 837/2009 में अदालत ने उन्हें जमानत दे दी है।
बिहार की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर आ रही है। पूर्व राजद नेता तेज प्रताप यादव की पार्टी की महिला प्रत्याशी वीणा मानवी को पटना की गांधी मैदान थाना पुलिस ने एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, कोर्ट में पेशी के बाद उन्हें इस मामले में राहत मिल गई है। अदालत ने केस संख्या 837 ऑब्लिक 2009 (837/2009) पर संज्ञान लेते हुए आज वीणा मानवी की जमानत (बेल) याचिका मंजूर कर ली।
साल 2009 के परिवाद पर जारी हुआ था 'लाल वारंट'
पुलिस के मुताबिक, वीणा मानवी के खिलाफ साल 2009 में सिविल कोर्ट में एक परिवाद (कोर्ट कंप्लेंट) दायर किया गया था। इस शिकायत के आधार पर कोर्ट द्वारा उनके खिलाफ 'लाल वारंट' (गैर-जमानती वारंट) जारी किया गया था। इसी अदालती वारंट के तामिला के लिए गांधी मैदान थाने की पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में लिया था।
ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत से जारी हुआ था आदेश
यह कानूनी वारंट ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास-9 (कोर्ट नंबर 26) की ओर से इसी साल 26 फरवरी 2026 को जारी किया गया था। वीणा मानवी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 403 (संपत्ति का गबन) और धारा 418 (धोखाधड़ी) के तहत केस रजिस्टर्ड है। इसके अलावा, आज एसीजेएम-7 (ACJM 7) की अदालत में भी उनके खिलाफ दर्ज एक अन्य धोखाधड़ी के मामले में सुनवाई निर्धारित थी।
कंकड़बाग थाने में जालसाजी और दलित उत्पीड़न के भी मामले
वीणा मानवी के खिलाफ पूर्व में भी कई थानों में गंभीर मामले दर्ज रहे हैं। साल 2016 में पटना के कंकड़बाग थाने में उनके खिलाफ फर्जीवाड़ा और चीटिंग (जालसाजी) का मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इन मामलों के अलावा उनके खिलाफ दलित उत्पीड़न (SC/ST Act) और साइबर अपराध से संबंधित अन्य शिकायतें भी दर्ज हैं।
गिरफ्तारी के वक्त हाई वोल्टेज ड्रामा, रोने-चिल्लाने लगीं प्रत्याशी
जब गांधी मैदान थाना पुलिस वीणा मानवी को गिरफ्तार करने पहुंची, तो वहां काफी हंगामा देखने को मिला। पुलिस कार्रवाई के दौरान वीणा मानवी काफी भावुक हो गईं और वहां मौजूद लोगों व पुलिसकर्मियों के सामने ही जोर-जोर से चिल्लाती और रोती हुई नजर आईं। हिरासत में लेने के बाद पुलिस सुरक्षा के बीच उन्हें सीधे मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया।
वकील ने उठाए सवाल, अदालती प्रक्रिया के बाद मिली बड़ी राहत
इस पूरे घटनाक्रम पर वीणा मानवी की वकील निशा सिंह ने पुलिसिया कार्रवाई के तरीकों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वे लोग कोर्ट में बाकी कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रहे थे, तभी पुलिस ने अचानक उन्हें गिरफ्तार कर लिया। वकील के अनुसार, उनके खिलाफ कुल 3 मामले हैं जिनका डिक्लेरेशन वे पहले ही दे चुके हैं। मेडिकल के बाद गांधी मैदान थानेदार अखिलेश मिश्रा की मौजूदगी में उन्हें JMFC 9 की कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ कानूनी दलीलें सुनने के बाद अदालत ने उन्हें बेल दे दी।
रिपोर्ट - रंजीत कुमार