Patna Zoo: 52 साल में पहली बार बंद हुआ चिड़ियाघर,पटना जू दो दिन के लिए रहेगा बंद,आंधी-बारिश गिरे दर्जनों पेड़
Patna Zoo: 52 साल के इतिहास में पहली बार पटना जू को लगातार दो दिनों के लिए बंद करना पड़ा है।...
Patna Zoo: राजधानी पटना में आई भीषण आंधी और तेज बारिश ने मशहूर संजय गांधी जैविक उद्यान यानी पटना जू की तस्वीर ही बदल दी। हालात इतने खराब हो गए कि 52 साल के इतिहास में पहली बार पटना जू को लगातार दो दिनों के लिए बंद करना पड़ा है। शुक्रवार को आई तेज आंधी और बारिश के दौरान जू परिसर में 30 से अधिक बड़े पेड़ जड़ से उखड़कर गिर पड़े, जिससे पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
गिरे हुए पेड़ों और टूटी शाखाओं की वजह से जू के अंदर कई रास्ते पूरी तरह बाधित हो गए। विजिटर्स की सुरक्षा को देखते हुए शनिवार को ही चिड़ियाघर को बंद कर दिया गया था, लेकिन हालात सामान्य नहीं होने के कारण रविवार को भी इसे बंद रखने का फैसला लिया गया। सोमवार को पहले से ही साप्ताहिक अवकाश रहता है, इसलिए अब आम लोग मंगलवार से ही पटना जू का दीदार कर सकेंगे।
पटना जू प्रशासन के मुताबिक तेज हवाओं ने परिसर के कई हिस्सों में भारी नुकसान पहुंचाया है। जगह-जगह पेड़ों की मोटी डालियां टूटकर सड़कों और बाड़ों के आसपास गिर गईं। कुछ पेड़ों की शाखाएं जानवरों के बाड़ों के भीतर भी जा गिरीं, जिससे कुछ देर के लिए दहशत का माहौल बन गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी भी जानवर के घायल होने की खबर नहीं है। सभी वन्यजीव पूरी तरह सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
जू निदेशक हेमंत पाटिल ने बताया कि पूरे परिसर में युद्धस्तर पर सफाई अभियान चलाया जा रहा है। गिरे पेड़ों को हटाने के लिए हाइड्रा और जेसीबी मशीनों की मदद ली जा रही है। करीब 200 से अधिक कर्मचारियों को अलग-अलग हिस्सों में लगाया गया है ताकि जल्द से जल्द रास्ते साफ किए जा सकें।
आहार गोदाम से लेकर अंदरूनी रास्तों तक सफाई का काम लगातार जारी है। प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि जानवरों तक भोजन और जरूरी सुविधाएं बिना किसी रुकावट के पहुंचती रहें। फिलहाल पटना जू में आम लोगों की एंट्री पर रोक है और पूरा प्रशासन परिसर को फिर से सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने में जुटा हुआ है।