पटना में चमत्कार! खेत की जुताई के दौरान जमीन से निकलीं भगवान विष्णु, लक्ष्मी और शिव की प्राचीन मूर्तियां
पटना जिले के फुलवारीशरीफ के कोरजी मोहम्मदपुर गांव में शनिवार को एक किसान के खेत की जुताई के दौरान भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और भगवान शिव की प्राचीन पत्थर की प्रतिमाएं मिली हैं।इस चमत्कारिक घटना के बाद इलाके में कौतूहल और श्रद्धा का माहौल है।
पटना जिले के फुलवारीशरीफ अंतर्गत कोरजी मोहम्मदपुर गांव में शनिवार को उस समय कौतूहल और श्रद्धा का माहौल बन गया, जब खेत की जुताई के दौरान जमीन के अंदर से भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और भगवान शिव की प्राचीन पत्थर की प्रतिमाएं बरामद हुईं। जैसे ही यह खबर गांव और आसपास के इलाकों में फैली, मौके पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोग इन दिव्य प्रतिमाओं के दर्शन करने और वहां पूजा-अर्चना करने के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।
3-4 फीट की गहराई पर हल से टकराईं मूर्तियां
जानकारी के मुताबिक, कोरजी मोहम्मदपुर गांव के निवासी किसान अजीत भारती शनिवार को अपने खेत की ट्रैक्टर से जुताई करवा रहे थे। इसी दौरान करीब तीन से चार फीट की गहराई पर हल का नुकीला हिस्सा किसी बेहद कठोर वस्तु से टकराया। शक होने पर जब उस जगह की सावधानीपूर्वक मैनुअल खुदाई की गई, तो जमीन के भीतर से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की एक संयुक्त प्रतिमा और भगवान शिव की एक अन्य शिवलिंगनुमा या स्वरूप प्रतिमा सुरक्षित बाहर निकली।
काफी पुरानी हैं मूर्तियां, ग्रामीणों ने की पुरातत्व विभाग से जांच की मांग
काले-भूरे पत्थर से निर्मित इन सभी प्रतिमाओं को देखने से साफ प्रतीत होता है कि ये काफी प्राचीन काल की हैं। इस चमत्कारिक घटना को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी उत्साह है और लोग इसे भगवान की विशेष कृपा मान रहे हैं। वहीं, गांव के प्रबुद्ध लोगों और इतिहासकारों में रुचि रखने वालों का कहना है कि यदि इन प्रतिमाओं की पुरातत्व विभाग (Archaeological Department) से वैज्ञानिक जांच कराई जाए, तो इनके वास्तविक समयकाल, इतिहास और ऐतिहासिक महत्व का बड़ा खुलासा हो सकता है।
मौके पर पहुंची पुलिस, प्रशासनिक स्तर पर संरक्षण की प्रक्रिया शुरू
खेत से मूर्तियां निकलने और वहां भारी भीड़ जुटने की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना कर पूरी स्थिति की जानकारी ली। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रतिमाओं की सुरक्षा और उनके उचित संरक्षण को लेकर आवश्यक कानूनी व विभागीय प्रक्रिया शुरू कर दी है। फिलहाल, मूर्तियों को सुरक्षित रखने और संबंधित विभाग को इसकी रिपोर्ट सौंपने की तैयारी की जा रही है।