Bihar News : 211 नए डिग्री कॉलेजों में होगी शिक्षकों की भर्ती, हर कॉलेज में इतने होंगे शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारी, इसी महीने पूरी होगी प्रक्रिया

Bihar News : राज्य के डिग्री कॉलेज विहीन प्रखंडों में खोले गए 211 नए राजकीय महाविद्यालयों में शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मियों की नियुक्ति करने की कार्रवाई शुरू कर दी गयी है......पढ़िए आगे

Bihar News : 211 नए डिग्री कॉलेजों में होगी शिक्षकों की भर्त
शिक्षकों की होगी भर्ती - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : बिहार सरकार ने राज्य के उच्च शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए डिग्री कॉलेज विहीन प्रखंडों में खोले गए 211 नए राजकीय महाविद्यालयों में शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मियों की नियुक्ति की कार्रवाई तेज कर दी है। उच्च शिक्षा विभाग के मुताबिक, इस महीने के अंत तक शिक्षकों की बहाली की प्रक्रिया को पूरी कर लेने की प्रबल संभावना है। इस कदम से राज्य के हजारों युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलने जा रहे हैं।

यह ऐतिहासिक पहल राज्य सरकार के 'सात निश्चय-3' योजना के तहत की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य हर प्रखंड के छात्र-छात्राओं को उनके घर के नजदीक ही उच्च शिक्षा के बेहतर विकल्प उपलब्ध कराना है। इसी कड़ी में दो दिन पूर्व ही बिहार के इन सभी 211 प्रखंडों के नए राजकीय महाविद्यालयों में पठन-पाठन का कार्य औपचारिक रूप से प्रारंभ कर दिया गया है। शुरुआत को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रथम चरण में कुल 6 मुख्य विषयों की पढ़ाई शुरू की गई है।

कॉलेजों में बेहतर शैक्षणिक माहौल और प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर पदों का सृजन किया है। सरकार द्वारा प्रत्येक नए डिग्री कॉलेज में 1 प्राचार्य, 32 शिक्षक और 12 शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के पद स्वीकृत किए गए हैं। इन स्वीकृत पदों के अनुसार ही अब रिक्तियों को तेजी से भरने की कवायद की जा रही है, ताकि नए सत्र से छात्रों की पढ़ाई बिना किसी बाधा के चल सके।

पठन-पाठन को सुगम बनाने के लिए सरकार की ओर से राज्य के सभी 211 नए डिग्री कॉलेजों में जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर और बुनियादी सुविधाएं पहले ही उपलब्ध करा दी गई हैं। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि सरकार का पूरा ध्यान इस बात पर है कि ग्रामीण और सुदूर इलाकों के छात्र-छात्राओं, विशेषकर छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए अपने घर से दूर किसी दूसरे शहर या जिले में न जाना पड़े।

इस महत्वाकांक्षी योजना के धरातल पर उतरने से न केवल बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में ड्रॉप-आउट रेट में भारी कमी आएगी, बल्कि राज्य का ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो भी बेहतर होगा। सरकार की इस त्वरित कार्रवाई से उन अभ्यर्थियों में भी भारी उत्साह है जो लंबे समय से उच्च शिक्षा विभाग में बहाली का इंतजार कर रहे थे।