दारू मत पीजिए, पवन सिंह के लिए छोड़ दीजिए... बांकीपुर में पीके का तंज, बीजेपी को उखाड़ फेंकने की अपील
Bankipur Bypol: चुनावी सभा को संबोधित करते हुए पीके ने भोजपुरी गायक और उम्मीदवार पवन सिंह पर चुटीला तंज कसते हुए कहा, "पैसा ले लीजिए, मुर्गा-भात खा लीजिए, लेकिन दारू मत पीजिएगा, उसे पवन सिंह के लिए छोड़ दीजिए।...
Bankipur Bypol: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के चुनावी रण में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर का एक बयान सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। चुनावी सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने भोजपुरी गायक पवन सिंह पर चुटीला तंज कसते हुए कहा, "पैसा ले लीजिए, मुर्गा-भात खा लीजिए, लेकिन दारू मत पीजिएगा, उसे पवन सिंह के लिए छोड़ दीजिए।" उनके इस बयान पर सभा में मौजूद लोगों के बीच ठहाके गूंज उठे।
प्रशांत किशोर ने अपने संबोधन में कहा कि चुनाव के दौरान मतदाताओं को लुभाने के लिए पैसा, मुर्गा-भात, पेट्रोल और अन्य चीजें बांटी जाएंगी। उन्होंने लोगों से कहा कि यदि कोई उम्मीदवार कुछ देता है तो उसे स्वीकार कर लें, लेकिन मतदान अपने विवेक से करें। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वोट किसी लालच में नहीं, बल्कि अपने बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखकर दें।
अपने भाषण में पीके ने शराबबंदी को लेकर भी तंज कसा और कहा कि "शराबबंदी में पवन सिंह का काम कैसे चल रहा है?" इस टिप्पणी को लेकर भी सभा में खूब चर्चा रही। हालांकि यह एक चुनावी बयान था, जिस पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
प्रशांत किशोर ने अपने चुनाव चिन्ह 'स्कूल बैग (बस्ता)' का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बैलेट पर उनके चुनाव चिन्ह को नौवां स्थान मिला है, जिसे उन्होंने नवरात्र और नवमी के धार्मिक महत्व से जोड़ते हुए शुभ संकेत बताया। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि मतदान के दिन बैलेट पर 9 नंबर पर मौजूद स्कूल बैग के निशान पर बटन दबाकर जन सुराज का समर्थन करें।
बीजेपी पर निशाना साधते हुए पीके ने दावा किया कि एक प्रशांत किशोर को हराने के लिए भाजपा को पूरी ताकत झोंकनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि जिन नेताओं, मंत्रियों और सांसदों को पहले बांकीपुर की जनता की याद नहीं आती थी, वे अब चुनाव के कारण लगातार क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं। उनके मुताबिक, यह जन सुराज की नहीं बल्कि बांकीपुर के मतदाताओं की लोकतांत्रिक जीत है, जिन्होंने यह संदेश दिया है कि वे किसी भी दल के "बंधुआ वोटर" नहीं हैं और विकल्पों को परखकर मतदान करेंगे।
उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि जन सुराज के कार्यकर्ताओं के ठहरने वाले होटलों में लगातार छापेमारी की जा रही है, जबकि अन्य दलों के नेताओं के ठिकानों पर ऐसी कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने चुनाव आयोग और प्रशासन से समान व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग की।अपने संबोधन के अंत में प्रशांत किशोर ने मतदाताओं से कहा कि नेता चुनाव के समय जो पैसा बांटते हैं, वह जनता के ही संसाधनों से आता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि चुनावी प्रलोभनों से प्रभावित हुए बिना मतदान के दिन अपने बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए निर्णय लें और अपनी पसंद के उम्मीदवार को वोट दें।