बिहार में सौर क्रांति: 2.5 लाख घरों की छतों पर सरकार लगाएगी मुफ्त सोलर पैनल, 31 मार्च तक आवेदन का मौका, 1.1 किलोवाट की मुफ्त बिजली

बिहार में पीएम सूर्य घर योजना के तहत अब कुटीर ज्योति उपभोक्ता बिना स्मार्टफोन के भी सोलर पैनल के लिए आवेदन कर सकते हैं। 31 मार्च 2026 तक शिविरों में जाकर सहमति देने का विकल्प दिया गया है ।

बिहार में सौर क्रांति: 2.5 लाख घरों की छतों पर सरकार लगाएगी

Patna -  पटना से एक महत्वपूर्ण जनहित खबर सामने आ रही है, जहाँ पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के तहत अब गरीब और कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के लिए सोलर पैनल लगवाना और भी आसान हो गया है। सरकार ने तकनीक की बाधा को दूर करते हुए ऑफलाइन आवेदन का विकल्प दे दिया है।

कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत 

बिहार में पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना को सफल बनाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है । कुटीर ज्योति (बीपीएल) उपभोक्ता, जो स्मार्टफोन न होने के कारण सुविधा ऐप के जरिए सहमति नहीं दे पा रहे थे, वे अब अपने नजदीकी कार्यालय या क्षेत्रीय शिविर में जाकर आवेदन कर सकते हैं । इस योजना में भाग लेने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 तय की गई है 

1.1 किलोवाट के लगेंगे सोलर पैनल

इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र घर की छत पर 1.1 किलोवाट क्षमता के रूफटॉप सोलर पैनल लगाए जाएंगे । योजना के पहले चरण में राज्य के करीब 2.5 लाख घरों को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है । यह सभी पैनल ग्रिड से जुड़े होंगे, जिससे उपभोक्ता सीधे सौर ऊर्जा का लाभ उठा सकेंगे 

स्थल निरीक्षण के बाद निशुल्क स्थापना

उपभोक्ता की सहमति प्राप्त होने के बाद विभाग की तकनीकी टीम घर जाकर स्थल निरीक्षण करेगी । जिन उपभोक्ताओं के घरों पर छायारहित (Shadow-free) छत उपलब्ध होगी, वहाँ सोलर पैनल पूरी तरह निशुल्क लगाए जाएंगे । पैनल से उत्पन्न होने वाली बिजली का उपयोग घर के निवासी अपनी दैनिक जरूरतों के लिए कर सकेंगे 

275 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य

परियोजना के सफल कार्यान्वयन से राज्य में लगभग 275 मेगावाट अतिरिक्त बिजली का उत्पादन होने की उम्मीद है । यह पहल न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि इससे गरीब परिवारों के बिजली बिल में भी भारी कटौती होगी । सरकार का मुख्य उद्देश्य अंतिम छोर तक सौर ऊर्जा की पहुंच सुनिश्चित करना है 

ऑफलाइन मोड से बढ़ेगी भागीदारी

सुविधा ऐप के अलावा स्थानीय कार्यालयों और शिविरों में आवेदन की सुविधा मिलने से उन उपभोक्ताओं की भागीदारी बढ़ेगी जिनके पास डिजिटल संसाधनों की कमी है । ग्रिड-कनेक्टेड सिस्टम होने के कारण यह बिजली व्यवस्था अधिक टिकाऊ और भरोसेमंद होगी । ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे शिविरों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को इस योजना से जोड़ें