PMCH में आग के बाद बड़ा खुलासा! प्राचार्य ने मेंटेनेंस एजेंसी पर फोड़ा ठीकरा, बोले- लापरवाही नहीं रुकी तो फिर होंगे हादसे

PMCH के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में सोमवार को लगी आग की घटना पर प्राचार्य डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह ने खुलकर मेंटेनेंस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए गंभीर नाराजगी जाहिर की है।...

PMCH Principal Blames Poor Maintenance for Lab Fire Incident
PMCH में आग के बाद बड़ा खुलासा! - फोटो : social Media

PMCH: पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल  के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में सोमवार को लगी आग की घटना ने संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था, विद्युत प्रबंधन और रखरखाव प्रणाली की पोल खोलकर रख दी है। इस हादसे के बाद PMCH प्रशासन हरकत में आ गया है और संस्थान के प्राचार्य डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह ने खुलकर मेंटेनेंस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए गंभीर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यदि विद्युत सुरक्षा और नियमित रखरखाव को प्राथमिकता नहीं दी गई तो भविष्य में भी ऐसे हादसे दोहराए जाते रहेंगे।

घटना के बाद प्राचार्य ने माइक्रोबायोलॉजी विभाग में हुए नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। विभागाध्यक्ष द्वारा क्षति की विस्तृत सूची प्रशासन को सौंप दी गई है, जिसकी समीक्षा की जा रही है। डॉ. सिंह ने कहा कि वह स्वयं पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं और आग लगने के वास्तविक कारणों की गहन जांच कराई जा रही है।

प्राचार्य के अनुसार PMCH जैसे विशाल चिकित्सा एवं शैक्षणिक संस्थान में बिजली आधारित उपकरणों का व्यापक उपयोग होता है। ऐसे में विद्युत वायरिंग, एसी सिस्टम, उपकरणों और अन्य तकनीकी संसाधनों की नियमित जांच एवं रखरखाव बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी और समय पर मरम्मत नहीं होने के कारण ही इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं, जो न केवल संस्थान की साख को नुकसान पहुंचाती हैं बल्कि मरीजों और छात्रों की सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा पैदा करती हैं।

डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह ने इस पूरे मामले में अस्पताल की मेंटेनेंस एजेंसी को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि नियमित देखरेख में कोताही बरती गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार तकनीकी खामियों और विद्युत समस्याओं की जानकारी संबंधित एजेंसियों और विभागों को दी गई, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। नतीजतन संस्थान बार-बार अव्यवस्था और हादसों की वजह से सुर्खियों में आ रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि PMCH के कई पुराने भवनों में आज भी शैक्षणिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं, जहां सैकड़ों छात्र-छात्राएं पढ़ाई करते हैं। भीषण गर्मी के दौरान एसी और बिजली व्यवस्था से जुड़ी परेशानियां लगातार सामने आती रही हैं, लेकिन समाधान की रफ्तार बेहद धीमी रही। प्राचार्य ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब प्रशासनिक स्तर पर दिए गए निर्देशों को भी गंभीरता से नहीं लिया जाता, तब व्यवस्था में सुधार की उम्मीद कमजोर पड़ जाती है।

PMCH में हुई यह अगलगी अब केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था और मेंटेनेंस सिस्टम पर बड़ा सवाल बनकर उभरी है। प्रशासन की सख्त टिप्पणियों के बाद अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

हीरेश कुमार  की रिपोर्ट