Police Didi : बिहार में ‘पुलिस दीदी’ से बदला माहौल, अबतक 790 मनचलों पर हुई कार्रवाई, छात्राएं बोली-बड़ी बहन हमारी सुरक्षा में

Police Didi : पुलिस दीदी को लेकर छात्राओं के बीच बेहद सकारात्मक और उत्साहजनक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कई छात्राओं ने कहा की हमारी बड़ी बहन हमारी सुरक्षा में तैनात हैं......पढ़िए आगे

Police Didi : बिहार में ‘पुलिस दीदी’ से बदला माहौल, अबतक 790
पुलिस दीदी का असर - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : बिहार सरकार की प्राथमिकता महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण सुनिश्चित करना  है। इसी सोच के साथ सरकार महिला सुरक्षा के साथ-साथ उनकी शिक्षा, सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता पर भी विशेष जोर दे रही है। इसी के तहत राज्य सरकार द्वारा ‘पुलिस दीदी’ यानि ‘अभया ब्रिगेड’ का गठन किया गया है। पुलिस दीदी द्वारा महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा संबंधी सहायता उपलब्ध कराने तथा उनमें सुरक्षा की भावना मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। आइए, जानते हैं क्या कहती हैं छात्राएं

महिलाओं में बढ़ा सुरक्षा का भरोसा

मगध महिला कॉलेज की छात्रा पिंकी कुमारी कहती हैं, पुलिस दीदी को देखकर लगता है कि अब मैं सुरक्षित हूं और मुझे मनचलों से डरने की जरूरत नहीं है। महिलाओं की सुरक्षा अब महिलाओं के हाथों में है, इससे अच्छी बात और क्या हो सकती है।” इसके लिए मैं बिहार सरकार का धन्यवाद करना चाहती हूं। वहीं कक्षा 11वीं की छात्रा प्रीति कुमारी बताती हैं कि जब से पुलिस दीदी की पहल शुरू हुई है, तब से मेरे अंदर सुरक्षा का भाव बढ़ा है। ऐसा लगता है कि जैसे मेरी बड़ी बहन हमारी सुरक्षा के लिए मौजूद हैं। अब मैं स्कूल में निश्चिंत होकर पढ़ाई करने जा पाती हूं और मेरा ध्यान दूसरी परेशानियों के बजाय सिर्फ पढ़ाई पर रहता है।”

स्कूटी पर गश्त कर रहीं महिला पुलिसकर्मियों से मनचलों में भय

महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बिहार पुलिस द्वारा स्कूल, महिला कॉलेज, कोचिंग संस्थान, महिला छात्रावास, मॉल, पार्क, सिनेमा हॉल, मेले, प्रदर्शनियों, हाट-बाजार सहित उन सार्वजनिक स्थलों को हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित किया गया है, जहां महिलाओं और बालिकाओं का सबसे अधिक आना-जाना होता है। इन चिह्नित स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के उद्देश्य से थाना स्तर पर 1,040 ‘पुलिस दीदी’ यानी ‘अभया ब्रिगेड’ टीमों का गठन किया गया है। प्रत्येक टीम में एक स्कूटी पर दो महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा पुलिस दीदी टीमों को 1,000 स्कूटर वितरित किए गए हैं, ताकि वे अपने निर्धारित क्षेत्रों में आसानी से गश्त कर सकें और जरूरत पड़ने पर महिलाओं एवं बालिकाओं को तत्काल सहायता उपलब्ध करा सकें। इसके अलावा बिहार पुलिस के कमजोर वर्ग प्रभाग द्वारा गश्ती व्यवस्था के प्रबंधन, अनुश्रवण और संबंधित गतिविधियों के संचालन के लिए ‘पुलिस दीदी’ ऐप विकसित किया गया है। अब तक पुलिस दीदी टीमों ने 790 मनचलों के खिलाफ कार्रवाई की है। वहीं ‘ऑपरेशन विधि पालक’  2,694 संस्थानों जिनमें (2,113 स्कूल, 67 कॉलेज एवं 514 अन्य स्थान, जैसे छात्रावास, हाट-बाजार, चौक और रेलवे स्टेशन आदि शामिल हैं) में अभियान चलाया गया। इस अभियान के माध्यम से कुल 2,79,941 छात्राओं एवं अन्य लोगों को जागरूक किया गया। इन टीमों में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती जिले में उपलब्ध पुलिस बल से ही की जाती है। पुलिस दीदी टीमें संबंधित थानाध्यक्षों के निर्देशन में कार्य करती हैं। वहीं, प्रत्येक जिले में पुलिस उपाधीक्षक (विशेष अपराध) और पुलिस उपाधीक्षक (रक्षित), पुलिस केंद्र को इस व्यवस्था के संचालन एवं अनुश्रवण के लिए नोडल पदाधिकारी बनाया गया है।

बिहार में सुरक्षित माहौल-सशक्त बेटियां

बिहार में महिला पुलिस बल की संख्या पूरे देश में सबसे अधिक है। महिला सशक्तीकरण और पुलिस बल में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी बिहार की बदलती तस्वीर को दर्शाती है। ‘पुलिस दीदी’ की यह पहल महिलाओं और छात्राओं के बीच सुरक्षा का भरोसा बढ़ा रही है।