छात्रों के उग्र आंदोलन पर मुख्यमंत्री आवास के बाहर पुलिस ने किया लाठीचार्ज; कई छात्र और पुलिसकर्मी घायल
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़कर हटाया। कार्रवाई के दौरान कुछ छात्र सड़क पर लेट गए, जिन्हें पुलिसकर्मी वहां से हटाकर अपने साथ ले गए। कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस वाहनों में बैठाकर ले जाने की भी जानकारी सामने आई है।
Bihar News : NEET पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के खिलाफ पटना में चल रहा छात्र आंदोलन बुधवार को और उग्र हो गया। राजभवन मार्च कर रहे प्रदर्शनकारी छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर लाठीचार्ज किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर झड़प हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़कर हटाया। कार्रवाई के दौरान कुछ छात्र सड़क पर लेट गए, जिन्हें पुलिसकर्मी वहां से हटाकर अपने साथ ले गए। कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस वाहनों में बैठाकर ले जाने की भी जानकारी सामने आई है।
गांधी मैदान से शुरू हुआ राजभवन मार्च
छात्रों ने बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे गांधी मैदान से राजभवन मार्च शुरू किया था। इस प्रदर्शन को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) समेत वामपंथी दलों से जुड़े छात्र संगठनों का समर्थन मिला। पटना में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे बड़ी संख्या में छात्र भी आंदोलन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारी NEET पेपर लीक, परीक्षा व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध कर रहे हैं।

कई घंटे तक पुलिस और छात्रों के बीच टकराव
प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की, लेकिन छात्र लगातार आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे। करीब चार से पांच घंटे तक अलग-अलग स्थानों पर पुलिस और छात्रों के बीच टकराव की स्थिति बनी रही। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद लाठीचार्ज भी किया गया। झड़प के दौरान कई छात्रों और पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है। कुछ पत्रकारों के भी चोटिल होने की बात सामने आई है।

छात्र आंदोलन के चलते विधानमंडल की सुरक्षा बढ़ाई गई
पटना में प्रदर्शनकारियों के लगातार आगे बढ़ने के कारण बिहार विधानमंडल की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई। एहतियात के तौर पर विधानमंडल का मुख्य गेट बंद कर दिया गया। इस दौरान केवल पैदल लोगों को बाहर जाने की अनुमति दी गई। बिहार विधान परिषद की कार्यवाही समाप्त होने के बाद छात्र आंदोलन को देखते हुए परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। पुलिस प्रशासन प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है।