Bihar News: थाना या कबाड़खाना? करोड़ों की संपत्ति खा गई जंग! नौबतपुर थाने में सड़ रही हैं गाड़ियाँ, जिम्मेदार कौन?

Bihar News: पटना से सटे नौबतपुर के थाना परिसर में वर्षों से जब्त किए गए वाहनों का अंबार लग गया है। विभिन्न आपराधिक मामलों में जब्त की गई करीब 100 से अधिक बाइक और दो दर्जन से ज्यादा बड़े वाहन थाना परिसर में खुले आसमान के नीचे पड़े-पड़े सड़ रहे हैं।

थाना बना कबाड़खाना
थाना बना कबाड़खाना !- फोटो : reporter

Bihar News: क्या आपने कभी किसी पुलिस थाने को 'वाहनों का कब्रिस्तान' बनते देखा है? राजधानी पटना से सटे नौबतपुर थाने का नजारा आजकल कुछ ऐसा ही है, जिसे देखकर यह अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है कि यह कोई पुलिस स्टेशन है या कोई कबाड़खाना। सालों से विभिन्न आपराधिक मामलों और सड़क हादसों के बाद जब्त किए गए सैकड़ों वाहन यहाँ परिसर की शोभा नहीं, बल्कि बदहाली की कहानी बयां कर रहे हैं। करोड़ों रुपये की कीमत वाली ये कारें, बाइकें और ट्रकें अब झाड़ियों के बीच जंग खाकर मिट्टी में तब्दील हो रही हैं। हैरानी की बात यह है कि प्रशासन द्वारा समय पर नीलामी की प्रक्रिया पूरी न किए जाने के कारण न केवल सरकारी राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि आम लोगों की गाढ़ी कमाई से खरीदी गई ये गाड़ियाँ भी अब सिर्फ लोहे का ढेर बची हैं।

थाना बना कबाड़खाना 

जानकारी के अनुसार, लगातार जब्त किए जा रहे वाहनों की न तो नीलामी हो रही है और न ही सुपुर्दगी हो पा रही है। इसके कारण थाना परिसर में खाली जगह भी काफी कम बची है। इनमें से कई बाइक दुर्घटना और चोरी जैसे मामलों में जब्त की गई थीं, लेकिन लंबे समय तक खुले में पड़े रहने से अधिकांश वाहन अब कबाड़ में तब्दील हो चुके हैं। धूप और बारिश के कारण बाइकों का रंग फीका पड़ गया है और कई वाहनों में जंग लग चुकी है। 

ना मालिक आ रहे ना नीलामी हो रही 

स्थिति यह है कि कई वाहन पूरी तरह खत्म हो चुके हैं। नियम के अनुसार यदि तीन वर्षों तक कोई वाहन मालिक अपने वाहन का दावा नहीं करता और कागजात प्रस्तुत नहीं करता, तो ऐसे वाहनों की नीलामी की जा सकती है। लेकिन जटिल प्रक्रिया के कारण नीलामी की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाती। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले कई वर्षों से थाने में जब्त वाहनों की नीलामी नहीं हुई है, जबकि इस दौरान पुलिस ने विभिन्न मामलों में सैकड़ों वाहन जब्त किए हैं।

पुलिसकर्मियों को भी हो रही परेशानी

थाना परिसर में लंबे समय से खड़े इन जर्जर वाहनों के आसपास झाड़ियां उग आई हैं, जिससे सफाई करना भी मुश्किल हो गया है। राष्ट्रीय त्योहारों के दौरान जब परिसर की साफ-सफाई की बात आती है तो चौकीदारों को काफी परेशानी होती है। झाड़ियों के कारण जहरीले जीव-जंतुओं के निकलने का भी खतरा बना रहता है।

पड़े पड़े खराब हो रहे वाहन 

कुछ वाहन मालिकों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि वाहन जब्त होने के बाद कोर्ट से रिलीज कराने में काफी समय लग जाता है। तब तक खुले में पड़े-पड़े वाहन खराब हो जाते हैं, इसलिए कई लोग उन्हें वापस लेने में भी दिलचस्पी नहीं दिखाते। वहीं चोरी के कई वाहनों के मालिक भी उन्हें लेने नहीं आते। इस मामले में थानेदार मंजीत ठाकुर का कहना है कि जब्त वाहनों के संबंध में आगे की कार्रवाई वरीय अधिकारियों के आदेश के बाद ही संभव है।

नौबतपुर से सुमित कुमार की रिपोर्ट