पटना में छठ महापर्व की तैयारियां तेज: नगर आयुक्त ने 52 गंगा घाटों का किया औचक निरीक्षण, सुरक्षा के कड़े निर्देश
लोक आस्था के महापर्व को लेकर पटना जिला प्रशासन ने अभी से तैयारी शुरु कर दी है। सोमवार को नगर आयुक्त यशपाल मीणा के पटना के कई घाटों का निरीक्षण कर सुरक्षा के माकूल प्रबंध के सख्त निर्देश दिए.....
Patna : आगामी छठ महापर्व के दौरान व्रतियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुगम आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए पटना नगर निगम ने अपनी तैयारियां पूरी तरह से तेज कर दी हैं। इसी क्रम में सोमवार को नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने अधिकारियों एवं अभियंताओं के एक दल के साथ पथरी घाट से दीदारगंज बालू घाट तक अजीमाबाद तथा पटना सिटी अंचल के अंतर्गत आने वाले कुल 52 गंगा घाटों का जायजा लिया। उन्होंने घाटों की वर्तमान स्थिति, जलस्तर, बैरिकेडिंग और पहुंच पथों का बारीकी से निरीक्षण किया।
जलस्तर बढ़ने पर विशेष नजर, डबल लेयरिंग और क्रॉस बैरिकेडिंग के निर्देश
निरीक्षण के दौरान नरकट घाट, लोहरवा घाट, हनुमान घाट, जजेज घाट और कंटाही घाट पर पिछले दो दिनों में गंगा का जलस्तर बढ़ने की बात सामने आई। इसे देखते हुए नगर आयुक्त ने जलस्तर की निरंतर निगरानी रखने और सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। श्रद्धालुओं को गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए सभी संवेदनशील स्थलों पर लाल कपड़े से घेराबंदी, डबल लेयरिंग और क्रॉस बैरिकेडिंग के साथ नेट लगाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
दलदली क्षेत्र के कारण बदला टेढ़ी घाट का स्थान और निर्माण एजेंसियों को निर्देश
सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए अजीमाबाद अंचल के टेढ़ी घाट के पास दलदली स्थिति पाए जाने पर उस छठ घाट को एक पिलर आगे शिफ्ट कर दिया गया है। इसके अलावा, टेढ़ी घाट, महाराज घाट और केशव घाट के पहुंच पथ को बीएसआरडीसी द्वारा निर्माणाधीन सड़क से जोड़ने को कहा गया है। गाय घाट पर पुल निर्माण कार्य में जुटी एजेंसी को भी महापर्व के मद्देनजर सभी मशीनें और उपकरण हटाने का निर्देश दिया गया है ताकि श्रद्धालुओं को पर्याप्त जगह मिल सके।
कच्चे घाटों पर सुधार कार्य और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष मार्ग
कच्चे घाटों पर मिट्टी के कटाव और गाद जमा होने से बने गड्ढों को ठीक करने तथा सीढ़ियों व सुगम पहुंच पथों का निर्माण प्राथमिकता पर करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही, पक्के घाटों पर बाढ़ के बाद जमी गाद की सफाई और रंग-रोगन का कार्य भी शुरू हो चुका है। महापर्व के दौरान भारी भीड़ के सुचारु प्रबंधन के लिए सभी घाटों पर प्रवेश और निकासी के अलग-अलग रास्ते तय किए जा रहे हैं।
अनिल की रिपोर्ट