Cabinet Decision : IAS पंकज पाल की पहल से बिहार की सड़कों की गुणवत्ता होगी बेहतर, टेंडर की मूल राशि से 10% से अधिक Below टेंडर पर रोक
Cabinet Decision : बिहार में अब 20 से 35 प्रतिशत तक कम दर पर टेंडर डालने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगेगा. वहीँ कम दर पर काम लेने वालों को अतिरिक्त परफॉर्मेंस गारंटी देनी होगी.....पढ़िए आगे
PATNA : बिहार में सड़कों की गुणवत्ता सुधारने और निर्माण कार्यों में वित्तीय जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार पाल का फैसला अहम साबित हो सकता है। अब उनके फैसले पर बिहार कैबिनेट ने मुहर लगा दी है। निविदाओं में प्राक्कलित दर से 20 से 35 प्रतिशत तक कम दर पर बोली लगाने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने की दिशा में विभाग ने स्पष्ट प्रावधान किया है। नई व्यवस्था के तहत निर्धारित प्राक्कलन दर से 10 प्रतिशत से अधिक कम दर पर निविदा देने वालों की बोली अमान्य मानी जाएगी। वहीं, पांच से दस प्रतिशत तक कम दर पर टेंडर हासिल करने वालों को अतिरिक्त कार्य निष्पादन गारंटी देनी होगी।
अब तक कई निविदाओं में ठेकेदारों द्वारा प्राक्कलित दर से काफी कम, यहां तक कि 20 से 35 प्रतिशत तक नीचे जाकर बोली लगाने की स्थिति सामने आती रही है। इतनी कम दर पर काम लेने से निर्माण की लागत, सामग्री की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य पूरा करने को लेकर सवाल खड़े होते रहे हैं। ऐसे में विभाग का यह कदम सड़क निर्माण में गुणवत्ता और जवाबदेही को प्राथमिकता देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा सकता है।
विभागीय प्रेस नोट के मुताबिक, प्राक्कलन दर से शून्य से पांच प्रतिशत तक कम दर पर निविदा देने पर प्रत्येक एक प्रतिशत कम दर के लिए 0.25 प्रतिशत अतिरिक्त कार्य निष्पादन गारंटी देनी होगी। पांच से दस प्रतिशत तक कम दर के लिए प्रत्येक एक प्रतिशत कम दर पर 0.5 प्रतिशत अतिरिक्त गारंटी का प्रावधान किया गया है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य केवल कम दर पर निविदा देने की प्रतिस्पर्धा को सीमित करना नहीं, बल्कि ठेकेदारों की वित्तीय प्रतिबद्धता और कार्य निष्पादन की जवाबदेही सुनिश्चित करना भी है। यदि इसका प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो बिहार में सड़कों के निर्माण और रखरखाव की गुणवत्ता बेहतर करने में मदद मिल सकती है।