Patna News: रेलवे का रोडमैप तैयार, पटना जंक्शन,दानापुर स्टेशन बनेंगे स्मार्ट सुविधाओं से लैस हब, मास्टर प्लान तैयार
Patna News:बिहार में विकास और बुनियादी ढांचे का मुद्दा एक बार फिर केंद्र में आ गया है। राजधानी पटना के दो अहम रेलवे स्टेशन पटना जंक्शन और दानापुर को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया है।
Patna News:बिहार में विकास और बुनियादी ढांचे का मुद्दा एक बार फिर केंद्र में आ गया है। राजधानी पटना के दो अहम रेलवे स्टेशन पटना जंक्शन और दानापुर को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए दानापुर रेल मंडल ने 15 वर्षों का मास्टर प्लान तैयार किया है। इस दीर्घकालिक योजना के ज़रिये रेलवे यात्रियों को बेहतर सहूलियत देने के साथ-साथ शहरी विकास और रोज़गार के नए अवसर पैदा करने का दावा कर रहा है।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक इस मास्टर प्लान के तहत दोनों स्टेशनों पर स्मार्ट पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी, ताकि ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था से निजात मिल सके। इसके अलावा यात्रियों के लिए आधुनिक रेस्टोरेंट और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स खोलने पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है। यह योजना महज़ सुविधा विस्तार नहीं, बल्कि पटना को एक आधुनिक ट्रांजिट हब के रूप में स्थापित करने की राजनीतिक मंशा को भी दर्शाती है। सूत्रों के अनुसार मार्च तक इस मास्टर प्लान को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
इसी बीच पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह ने पटना-आरा रेलखंड का विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण कर रेलवे प्रशासन की सक्रियता का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने पटना से आरा के बीच 49 किलोमीटर लंबे रेल ट्रैक और 14 स्टेशनों का गहन जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान ट्रैक, रेल पुलों और संरचनात्मक सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया। जीएम ने संबंधित अधिकारियों को खामियों की पहचान कर त्वरित समाधान के निर्देश दिए, ताकि यात्रियों की सुरक्षा और समयबद्ध परिचालन सुनिश्चित हो सके।
दानापुर स्टेशन पर निरीक्षण के दौरान प्लेटफॉर्म नंबर एक पर सोलर सिस्टम से संचालित किए जाने वाले कैंपेन कोच का भी मुआयना किया गया। रेलवे के अनुसार इस सोलर तकनीक से सालाना करीब डेढ़ लाख रुपये की बिजली की बचत होगी। यह पहल न केवल पर्यावरण के लिहाज़ से अहम है, बल्कि ऊर्जा आत्मनिर्भरता की सरकारी नीति को भी मज़बूती देती है।
वहीं आरा कोचिंग डिपो में तकनीकी उन्नयन को लेकर भी अहम कदम उठाए गए हैं। कोचों में आधुनिक सिस्टम लगाए गए हैं, जिससे मेंटेनेंस की क्षमता बढ़ेगी और गड़बड़ियों की पहचान कहीं अधिक सटीक हो सकेगी। रियल-टाइम मॉनिटरिंग, प्रेडिक्टिव और प्रिवेंटिव मेंटेनेंस से मैनुअल निरीक्षण की गलतियां कम होंगी और कोच सुरक्षा में इज़ाफा होगा।
कुल मिलाकर रेलवे की ये पहलें सियासी तौर पर भी अहम मानी जा रही हैं। विकास, तकनीक और सुविधा के इस त्रिकोण के ज़रिये केंद्र सरकार बिहार में अपने विकासात्मक एजेंडे को मज़बूती से आगे बढ़ाने की कोशिश में जुटी है।
रिपोर्ट - अभिजीत सिंह