Bihar Politics: बिहार की सियासत में हलचल, क्या राज्यसभा के रास्ते होगी निशांत कुमार की एंट्री? सीएम नीतीश की ओर टिकी सबकी निगाह
Bihar Politics: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार की सक्रिय राजनीति में एंट्री को लेकर सियासी गलियारों में जबरदस्त चर्चा छिड़ी हुई है। ...
Bihar Politics: बिहार की राजनीति में इन दिनों अटकलों और कयासों का बाजार गर्म है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार की सक्रिय राजनीति में एंट्री को लेकर सियासी गलियारों में जबरदस्त चर्चा छिड़ी हुई है। राज्यसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच यह सवाल और भी तेज हो गया है कि क्या जेडीयू कोटे से निशांत कुमार को उच्च सदन भेजा जाएगा?
जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने बयान देकर इस बहस को और हवा दे दी। उन्होंने कहा कि पार्टी के अधिकतर नेताओं की राय है कि निशांत कुमार को राजनीति में आना चाहिए और पार्टी के लिए काम करना चाहिए। हालांकि अंतिम फैसला निशांत कुमार को खुद लेना है। सूत्रों के मुताबिक, राज्यसभा नामांकन में हो रही देरी के पीछे भी यही पेच फंसा हुआ है। कहा जा रहा है कि अगर निशांत हामी भरते हैं तो 4 मार्च को दोपहर बाद या 5 मार्च को नामांकन दाखिल हो सकता है। अन्यथा जदयू कोटे से मनीष वर्मा और रामनाथ ठाकुर का नाम आगे बढ़ाया जा सकता है।
वहीं उपेन्द्र कुशवाहा ने भी कहा कि निशांत प्रतिभाशाली युवा हैं और उन्हें राजनीति में आना चाहिए, लेकिन यह जदयू का आंतरिक मामला है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर निशांत राज्यसभा जाते हैं तो क्या यह नीतीश कुमार की दशकों पुरानी परिवारवाद विरोधी छवि पर असर डालेगा? नीतीश कुमार हमेशा वंशवाद की राजनीति के खिलाफ मुखर रहे हैं और अपने परिवार को सियासत से दूर रखा है। ऐसे में यह फैसला उनकी सियासी लकीर को पार करने जैसा होगा।
राजनीतिक जानकार इसे नीतीश कुमार के संभावित एग्जिट प्लान से भी जोड़कर देख रहे हैं यानी सक्रिय राजनीति से धीरे-धीरे दूरी और नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने की रणनीति। फिलहाल आधिकारिक घोषणा का इंतजार है, लेकिन बिहार की सियासत में यह मुद्दा गर्म लावा बन चुका है।
रिपोर्ट- रंजीत कुमार