बिहार में अब नहीं चलेगा जमीन का गोलमाल! बिहारभूमि पोर्टल पर 8 घंटे चला 'महा-ऑपरेशन', 11 लाख से ज्यादा जमाबंदियों का रकबा हुआ दुरुस्त

बिहार में डिजिटल भूमि सेवाओं को और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। रविवार को 8 घंटे तक चले विशेष 'सर्वर मेंटेनेंस' अभियान के दौरान न केवल पोर्टल को अपग्रेड किया गया

बिहार में अब नहीं चलेगा जमीन का गोलमाल! बिहारभूमि पोर्टल पर

Patna - : बिहार में डिजिटल भूमि सेवाओं को और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। रविवार को 8 घंटे तक चले विशेष 'सर्वर मेंटेनेंस' अभियान के दौरान न केवल पोर्टल को अपग्रेड किया गया, बल्कि लाखों जमाबंदी अभिलेखों में दर्ज विसंगतियों को भी दूर कर दिया गया। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने इसे भ्रष्टाचार मुक्त और जवाबदेह राजस्व प्रशासन की दिशा में मील का पत्थर बताया है।

 डिजिटल सुधार की बड़ी पहल

 बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने रविवार, 15 फरवरी को अपने आधिकारिक पोर्टल 'बिहारभूमि' पर एक वृहद तकनीकी उन्नयन (अपग्रेडेशन) कार्य संपन्न किया। प्रातः 10:00 बजे से सायं 6:00 बजे तक चले इस 8 घंटे के अभियान का मुख्य उद्देश्य सर्वर की कार्यक्षमता बढ़ाना, डेटा सुरक्षा को मजबूत करना और ऑनलाइन सेवाओं को पहले से अधिक तेज व त्रुटिरहित बनाना था।

रकबा निर्धारण में बड़ी कामयाबी

 इस मेंटेनेंस के दौरान विभाग ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। समीक्षा में 10,81,815 ऐसे जमाबंदी अभिलेख पाए गए थे जिनमें अलग-अलग प्लॉट का क्षेत्रफल तो था, लेकिन कुल रकबा दर्ज नहीं था। तकनीकी टीम ने सत्यापन के बाद इन सभी प्लॉटों के क्षेत्रफल को जोड़कर कुल रकबा निर्धारित किया और पोर्टल पर अपडेट कर दिया। इससे भविष्य में जमीन की खरीद-बिक्री और बँटवारे में होने वाली परेशानियों पर लगाम लगेगी।

क्षेत्रफल का मानकीकरण

 अभिलेखों में एकरूपता लाने के लिए विभाग ने क्षेत्रफल के मानकों में भी बड़ा बदलाव किया है। लगभग 43,430 जमाबंदी अभिलेखों में दर्ज क्षेत्रफल को हेक्टेयर से बदलकर एकड़ और डिसमिल में अपडेट किया गया है। विभाग का मानना है कि इस मानकीकरण से आम नागरिकों को अपनी जमीन का हिसाब समझने में आसानी होगी और राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ेगी।

उपमुख्यमंत्री का बयान

 उपमुख्यमंत्री सह मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने इस सफल तकनीकी अभियान पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता जनता को घर बैठे पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि सर्वर मेंटेनेंस महज एक तकनीकी प्रक्रिया नहीं, बल्कि डेटा सुरक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित करने का माध्यम है। उन्होंने इस दौरान सहयोग के लिए राज्य के नागरिकों का आभार भी व्यक्त किया।

सेवाएं पुनः बहाल

8 घंटे के निर्धारित डाउनटाइम के बाद, शाम 6 बजे से पोर्टल की सभी सेवाएं—जैसे दस्तावेज अवलोकन, लगान भुगतान और आवेदन की स्थिति जांच—पुनः बहाल कर दी गई हैं। विभाग के अनुसार, अब पोर्टल पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और यूजर-फ्रेंडली हो गया है। विभाग ने अस्थायी असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे तकनीकी सुधार जारी रखने का संकल्प दोहराया है।