राजस्व विभाग में महा-हड़कंप: 31 मार्च की आधी रात से बदल जाएगी दुनिया, जानिए सी.के. अनिल का वो आदेश जिसने हिला दिया सिस्टम
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। प्रधान सचिव सी के अनिल द्वारा जारी आदेश के अनुसार, विभाग में लंबे समय से चल रहे प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) के खेल को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।
Patna -: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जनहित और प्रशासनिक कार्यकुशलता को ध्यान में रखते हुए बड़ा निर्णय लिया है। विभाग ने राजस्व सेवा संवर्ग के उन सभी पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति रद्द कर दी है, जिन्हें अलग-अलग समय पर जिला, प्रमंडल, निदेशालय या मुख्यालय में तैनात किया गया था।
जनता की असुविधा को देखते हुए लिया गया निर्णय
विभागीय समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि बड़े पैमाने पर अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति होने के कारण उनके मूल पदस्थापन वाले कार्यालयों में राजस्व संबंधी कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। इसके चलते आम जनता को अपने राजस्व से जुड़े कार्यों के लिए काफी कठिनाइयों और असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। इसी समस्या के समाधान के लिए विभाग ने प्रतिनियुक्ति को पूरी तरह समाप्त करने का फैसला किया है।
31 मार्च को स्वतः समाप्त हो जाएगी प्रतिनियुक्ति
प्रधान सचिव द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, प्रतिनियुक्त सभी पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति दिनांक 31 मार्च 2026 के प्रभाव से स्वतः समाप्त मानी जाएगी। इसके लिए अलग से किसी आदेश की प्रतीक्षा नहीं की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि कार्यहित में अब अधिकारियों को उनके मूल पदों पर वापस लौटना अनिवार्य है।
वेतन को लेकर सख्त निर्देश
आदेश में यह भी साफ किया गया है कि सभी पदाधिकारियों को 01 अप्रैल 2026 तक अपने-अपने मूल पदस्थापन कार्यालय में निश्चित रूप से योगदान देना होगा। अप्रैल 2026 और उसके बाद का वेतन केवल उनके मूल पदस्थापन कार्यालय या जिला से ही जारी किया जाएगा। यदि कोई अधिकारी समय पर योगदान नहीं देता है, तो इसे आदेश की अवहेलना माना जाएगा।
उच्च अधिकारियों को अनुपालन का जिम्मा
प्रधान सचिव ने बिहार के सभी प्रमंडलीय आयुक्तों, सभी जिलाधिकारियों (समाहर्त्ता), और विभिन्न निदेशालयों के निदेशकों को इस निर्णय का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। इस आदेश की प्रतिलिपि सभी बंदोबस्त पदाधिकारियों और भू-अर्जन पदाधिकारियों को भी आवश्यक कार्यवाही हेतु भेज दी गई है।