राजस्व विभाग में बड़ा एक्शन: हड़ताल के बीच 5 अधिकारियों के इस्तीफे मंजूर, डिप्टी सीएम की सख्त चेतावनी
बिहार में राजस्व कर्मियों की हड़ताल के बीच सरकार ने 5 अधिकारियों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं। डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने हड़तालियों को चेतावनी देते हुए कहा कि 2027 तक भूमि सर्वेक्षण का काम हर हाल में पूरा किया जाएगा।
Patna - : बिहार राजस्व विभाग (Bihar Revenue Department) में जारी गतिरोध के बीच सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने हड़ताल पर गए अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच ही पांच अधिकारियों के इस्तीफे को आधिकारिक रूप से मंजूरी दे दी है। विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुसार, इस्तीफा देने वाले इन अधिकारियों में तीन महिला और दो पुरुष अधिकारी शामिल हैं।
इन अधिकारियों ने छोड़ी सेवा (इस्तीफे की प्रभावी तिथि के साथ): विभागीय जानकारी के अनुसार, संबंधित जिलाधिकारियों की अनुशंसा पर निम्नलिखित अधिकारियों के इस्तीफे स्वीकार किए गए हैं:
अंशु कुमार: पूर्व सीओ, गोरौल अंचल (वैशाली) – 19 दिसंबर 2025 से प्रभावी।
राजन कुमार: पूर्व राजस्व अधिकारी, बिक्रमगंज – 26 जून 2025 से प्रभावी।
शिवांगी पांडेय: राजस्व अधिकारी, परसा (सारण) – 7 मई 2025 से प्रभावी।
अंकिता वर्मा: पूर्व अंचल अधिकारी, राजपुर अंचल (रोहतास) – 27 अगस्त 2024 से प्रभावी।
स्मृति कुमारी: राजस्व अधिकारी, हाजीपुर सदर – 20 अगस्त 2025 से स्वीकार।
डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा की दोटूक चेतावनी
बिहार के डिप्टी सीएम और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने हड़ताली कर्मियों को सख्त लहजे में चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में जारी विशेष भूमि सर्वेक्षण और बंदोबस्त का कार्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार ने इस काम को दिसंबर 2027 तक हर हाल में पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
मंत्री ने कहा कि सर्वेक्षण के बाद जमीन के रिकॉर्ड पूरी तरह पारदर्शी और अपडेट हो जाएंगे, जिससे भूमि विवादों में भारी कमी आएगी। उन्होंने साफ कर दिया है कि कार्य में किसी भी प्रकार की बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इसे समय सीमा के भीतर ही पूरा किया जाएगा।