Bihar Crime: सदर अस्पताल से पुलिस को चकमा देकर फरार हुआ कैदी, पुलिस विभाग में हड़कंप

Bihar Crime: मंडल कारा में बंद एक विचाराधीन कैदी के छपरा सदर अस्पताल के कैदी वार्ड से फरार होने का मामला सामने आया है।...

Bihar Crime:  सदर अस्पताल से पुलिस को चकमा देकर फरार हुआ कैद
पुलिस को चकमा देकर फरार हुआ कैदी- फोटो : reporter

Bihar Crime: छपरा मंडल कारा में बंद एक विचाराधीन कैदी के छपरा सदर अस्पताल के कैदी वार्ड से फरार होने का मामला सामने आया है। घटना बीती देर रात की बताई जा रही है। कैदी के फरार होने की खबर मिलते ही पुलिस और जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। फरार कैदी की पहचान उत्तर प्रदेश के अमेठी निवासी आदर्श पाण्डेय के रूप में हुई है।

जानकारी के अनुसार आदर्श पाण्डेय को चोरी के एक मामले में 22 अगस्त को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। उसके खिलाफ सारण जिले के हरिहरनाथ थाना में कांड संख्या 153/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज होने की बात सामने आई है।जेल भेजे जाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। जेल प्रशासन के अनुसार, अत्यधिक नशे के कारण उसके शरीर में कंपन हो रही थी। इसके बाद उसे इलाज के लिए छपरा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में उसे कैदियों के लिए निर्धारित वार्ड में रखा गया था।

कैदी की सुरक्षा के लिए जिला पुलिस बल के जवानों की तैनाती की गई थी। इसके बावजूद आदर्श पाण्डेय कथित तौर पर सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए पुलिस को चकमा देकर कैदी वार्ड से निकल गया।कैदी के गायब होने की जानकारी सामने आते ही अस्पताल और पुलिस महकमे में अफरा-तफरी मच गई। अधिकारियों को तत्काल घटना की सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम ने उसकी तलाश शुरू कर दी।पुलिस ने फरार कैदी की तलाश में उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। साथ ही आसपास के इलाकों में पुलिस को सतर्क किया गया है और संभावित रास्तों पर भी निगरानी बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

सदर अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान के कैदी वार्ड से पुलिस की मौजूदगी के बावजूद विचाराधीन कैदी के फरार होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि सुरक्षा में तैनात जवानों की निगरानी के बीच कैदी आखिर किस तरह वार्ड से बाहर निकलने में सफल हुआ।घटना के बाद सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली भी जांच के दायरे में आ सकती है। जेल प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की ओर से पूरे मामले की पड़ताल की जा रही है।

जांच में यह भी देखा जा सकता है कि कैदी की निगरानी में किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं। यदि सुरक्षा व्यवस्था में चूक सामने आती है तो संबंधित कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।फिलहाल पुलिस का मुख्य फोकस फरार आदर्श पाण्डेय को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने पर है। पुलिस उसके संभावित ठिकानों की तलाश कर रही है और आसपास के क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ाई गई है।इस घटना ने एक बार फिर जेल से अस्पताल लाए जाने वाले कैदियों की सुरक्षा व्यवस्था और कैदी वार्ड में तैनात सुरक्षा बल की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि फरारी के पीछे सुरक्षा में किस स्तर की चूक हुई और कैदी पुलिस की निगरानी से कैसे निकल गया।

रिपोर्ट- धर्मेंद्र रस्तोगी