राजद ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन, तेजस्वी की ज्ञानेश कुमार को हटाने सहित बिहार के लिए की बड़ी मांग

सिद्दीकी ने कहा कि महागठबंधन की दूसरी प्रमुख मांग चुनाव में बैलेट पेपर की व्यवस्था बहाल करने की है। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR के बाद हुए चुनावों की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हुए हैं।

Abdul Bari Siddiqui
Abdul Bari Siddiqui- फोटो : news4nation

Bihar News :  पटना में SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ महागठबंधन का विरोध प्रदर्शन गुरुवार को लोकभवन मार्च तक पहुंचा। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राजद समेत महागठबंधन के नेता और कार्यकर्ता मार्च में शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने तेजस्वी यादव समेत कुछ नेताओं को रोकने की कोशिश की। बाद में पुलिस उन्हें वाहन से लोकभवन ले गई, जहां महागठबंधन के नेताओं ने राज्यपाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। 


राज्यपाल से मिले तेजस्वी समेत महागठबंधन के नेता

राज्यपाल से मुलाकात के बाद राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने बताया कि महागठबंधन की ओर से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि ज्ञापन में चुनाव आयोग और SIR से जुड़े मुद्दों को उठाया गया है। महागठबंधन की प्रमुख मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाना शामिल है।  


65 लाख मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप

अब्दुल बारी सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि SIR की प्रक्रिया के बाद बिहार में करीब 65 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए। उन्होंने कहा कि महागठबंधन का आरोप है कि देश में मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं और लोगों को मतदान के अधिकार से वंचित किया गया है। उन्होंने कहा कि महागठबंधन इस मामले में चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग कर रहा है। विपक्ष पहले भी SIR के दौरान मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठाता रहा है।  


बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग

सिद्दीकी ने कहा कि महागठबंधन की दूसरी प्रमुख मांग चुनाव में बैलेट पेपर की व्यवस्था बहाल करने की है। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR के बाद हुए चुनावों की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हुए हैं। महागठबंधन की ओर से SIR के आधार पर हुए चुनावों को रद्द करने की मांग भी रखी गई है। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव रद्द करने की मांग स्वीकार नहीं होती है तो कम से कम मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाए और आगामी चुनावों को पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठाए जाएं।


SIR को लेकर जारी है विपक्ष का आंदोलन

महागठबंधन पिछले कई दिनों से SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर आंदोलन कर रहा है। 7 अक्टूबर को राज्य के 534 प्रखंड मुख्यालयों पर आक्रोश मार्च आयोजित किया गया था, जबकि 8 अक्टूबर को जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन और पटना में लोकभवन मार्च का कार्यक्रम रखा गया।  महागठबंधन द्वारा लगाए गए SIR और चुनाव आयोग से जुड़े आरोप विपक्ष के दावे हैं। चुनाव आयोग और भाजपा इन आरोपों को खारिज करते रहे हैं।

रंजन की रिपोर्ट