वैशाली नाव हादसे के पीड़ित परिवार से मिलने पहुंची राजद सांसद मीसा भारती, सरकार और प्रशासन पर लगाईं गंभीर आरोप

राष्ट्रीय जनता दल की सांसद मीसा भारती राघोपुर पहुंचीं, जहां उन्होंने दर्दनाक नाव हादसे के पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार और वैशाली जिला प्रशासन पर जमकर बरसीं.....

वैशाली नाव हादसे के पीड़ित परिवार से मिलने पहुंची राजद सांसद
नाव हादसे के पीड़ित परिवार से मिली राजद सांसद मीसा भारती- फोटो : रिषभ कुमार

vaishali : वैशाली के राघोपुर में हुए नाव हादसे के बाद पीड़ित परिवारों के जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों के मिलने का सिलसिला लगातार जारी है। इसी कड़ी में राष्ट्रीय जनता दल की सांसद मीसा भारती राघोपुर पहुंचीं, जहां उन्होंने दर्दनाक नाव हादसे के पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने शोकाकुल परिजनों के साथ अपनी संवेदनाएं साझा करते हुए उनके दुख को बांटा और इस घटना को बेहद पीड़ादायक बताया।


सरकार और जिला प्रशासन पर पल्ला झाड़ने का लगाया आरोप

पीड़ितों से मिलने के बाद मीसा भारती ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस पूरी घटना से अपना पल्ला झाड़ रही है। उन्होंने वैशाली के जिलाधिकारी (DM) के उस बयान या स्थिति पर सवाल उठाया जिसमें प्राइवेट नाव की बात कही जा रही है।


डीएम के बयान पर तंज, कहा- "अगर प्राइवेट गाड़ी में डीएम का परिवार जाए तो क्या कार्रवाई होगी?"

जिलाधिकारी के बयान पर कड़ा ऐतराज जताते हुए मीसा भारती ने तीखा सवाल किया कि यदि भगवान न करें, किसी प्राइवेट गाड़ी में डीएम साहब का परिवार यात्रा करे और कोई दुर्घटना हो जाए, तो क्या प्रशासन वही रुख अपनाएगा? उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी समाज के सामने क्या उदाहरण पेश करना चाहती हैं, जबकि हकीकत यह है कि मौके पर ऑक्सीजन तक की व्यवस्था नहीं थी। उन्होंने मांग की कि प्रशासन को लीपापोती करने के इस मामले में कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।


बीजेपी और एनडीए गठबंधन पर मीसा भारती का तीखा राजनीतिक हमला

इस दौरान मीसा भारती ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और एनडीए सरकार पर भी बड़ा राजनीतिक बयान दिया। उन्होंने कहा कि जिस मुख्यमंत्री को जनता ने चुनकर गद्दी पर बैठाया था, उसी मुख्यमंत्री के पीठ में खंजर घोंपकर आज भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपना मुख्यमंत्री बैठा दिया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जनता के इस तरह छीने गए जनादेश वाले और मजबूर मुख्यमंत्री से आखिर किसी भलाई की क्या उम्मीद की जा सकती है?


रिषभ की रिपोर्ट