Bihar News: पटना में बिक रहा है न्यूजीलैंड का ‘रॉकेट सेब’, IAS-IPS और मंत्री हैं खरीदार ! आधा किलो सेब का कीमत जान उड़ जाएंगे होश
Bihar News: पटना के फल मंडियों में अब साधारण कश्मीरी सेब के बजाय 'विदेशी रॉकेट' की डिमांड बढ़ गई है। दिखने में गोल्फ बॉल जैसा छोटा, लेकिन स्वाद और गुणों में बेमिसाल। न्यूजीलैंड का यह 'रॉकेट सेब' पटना के रसूखदारों की पहली पसंद बन गया है।
Bihar News: क्या आपने कभी सोचा है कि एक सेब की कीमत इतनी हो सकती है कि आम आदमी के पसीने छूट जाएं? न्यूजीलैंड से सीधे पटना पहुंचा 'रॉकेट सेब' इन दिनों शहर के पॉश इलाकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। प्लास्टिक के खास ट्यूब में बिकने वाले इस छोटे से सेब के दीवाने बड़े-बड़े IAS-IPS अधिकारी और सूबे के मंत्री हैं। आखिर इस सेब में ऐसा क्या जादू है कि इसके लिए लोग मुंहमांगी कीमत देने को तैयार हैं? आइए जानते हैं इस 'रॉकेट' की पूरी कहानी।
फल बाजार में बिक रहा खास सेब
दरअसल, यह खास सेब पटना के इनकम टैक्स गोलंबर के पास स्थित फल बाजार में बिक रहा है। ‘रॉकेट सेब’ के नाम से बिकने वाला यह छोटा आकार का प्रीमियम फल आम ग्राहकों की पहुंच से बाहर माना जा रहा है। ऊंची कीमत और आकर्षक पैकेजिंग के कारण यह खासतौर पर मंत्री, विधायक, आईएएस-आईपीएस अधिकारियों और संपन्न वर्ग की पसंद बनता जा रहा है।
आधा किलो में 5 सेब, कीमत 400 रुपये
बाजार के दुकानदार धर्मेंद्र प्रसाद गुप्ता के अनुसार यह सेब सीधे न्यूजीलैंड से आयात होकर दिल्ली या कोलकाता के रास्ते पटना पहुंचता है। पारदर्शी डिब्बे में आधा किलो पैक में सिर्फ 5 सेब होते हैं, जिसकी कीमत करीब 400 रुपये है। यानी एक सेब लगभग 80 रुपये का पड़ता है। एक किलो में करीब 10 सेब मिलते हैं। दुकानदारों का कहना है कि इसकी मांग सीमित है और दिनभर में मुश्किल से 2-3 डिब्बे ही बिक पाते हैं।
क्या है ‘रॉकेट सेब’ की खासियत
‘रॉकेट सेब’ आकार में गोल्फ बॉल जितना छोटा होता है, लेकिन स्वाद और पोषण के मामले में बड़े सेबों से कम नहीं है। इसका स्वाद मीठा और हल्का खट्टापन लिए होता है, जबकि बनावट कुरकुरी और रसदार होती है। छोटे आकार की वजह से इसे पॉकेट-साइज हेल्दी स्नैक भी कहा जाता है। बच्चे और युवा दोनों इसे पसंद करते हैं।
वैज्ञानिक शोध से विकसित प्रीमियम ब्रांड
यह सेब विशेष वैज्ञानिक अनुसंधान के बाद विकसित किया गया है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रांडेड फल के रूप में बेचा जाता है। इसकी पैकेजिंग पारदर्शी ट्यूब में होती है, जिससे इसे ले जाना आसान होता है। इसकी ब्रांडिंग, यूनिक साइज और प्रीमियम पैकिंग ही इसे महंगे फल की श्रेणी में अलग पहचान दिलाती है। इसका मुख्य उत्पादन हॉक्स बे क्षेत्र में होता है, जिसे सेब की खेती के लिए अनुकूल माना जाता है। इस ब्रांड का व्यापारिक संचालन रॉकिट ग्लोबल लिमिटेड द्वारा किया जाता है, जो इसके वितरण और पैकेजिंग का जिम्मा संभालती है। कंपनी इसे दुनिया का पहला मिनी सेब बताती है, जिसे करीब 20 वर्षों की शोध के बाद विकसित किया गया है। इसका सबसे बड़ा बाजार चीन माना जाता है।