Bihar Politics: मामा साधु यादव से मिलने पहुंची रोहिणी, मुलाकात के सियासी मायने, पढ़िए

Bihar Politics: रोहिणी आचार्य अपने मामा साधु यादव से मिलने उनके घर पहुंचीं। दोनों के बीच मुलाकात के बाद बिहार की सियासत में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।

Bihar Politics: मामा साधु यादव से मिलने पहुंची रोहिणी, मुलाक
मामा साधु यादव से मिलने पहुंची रोहिणी- फोटो : reporter

Bihar Politics: लालू यादव की छोटी बेटी रोहिणी आचार्य करीब 11 महीने बाद पटना लौटी हैं। दो-तीन दिन पहले राजधानी पहुंचने के बाद अब उनके परिवार और रिश्तेदारों से मुलाकात का सिलसिला तेज हो गया है। इसी क्रम में रोहिणी आचार्य अपने मामा साधु यादव से मिलने उनके घर पहुंचीं। दोनों के बीच मुलाकात के बाद बिहार की सियासत में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।

मुलाकात के बाद साधु यादव ने साफ कहा कि रोहिणी से उनकी कभी कोई दूरी नहीं रही। उन्होंने भविष्य की सियासत को लेकर भी बड़ा बयान देते हुए कहा कि आने वाले दिनों में रोहिणी चुनाव लड़ेंगी। अगर वह छपरा से चुनाव मैदान में उतरती हैं तो उनका पूरा समर्थन रहेगा। साधु यादव ने दावा किया कि रोहिणी छपरा से चुनाव जीतकर लोकसभा जाएंगी।

रोहिणी-साधु मुलाकात के सियासी मायने

रोहिणी आचार्य और साधु यादव की यह मुलाकात इसलिए भी खास मानी जा रही है, क्योंकि नवंबर 2025 में रोहिणी और तेजस्वी यादव के बीच विवाद सार्वजनिक होने के बाद साधु यादव ने खुलकर रोहिणी का पक्ष लिया था। उस दौरान परिवार के भीतर सामने आई तल्खी ने बिहार की सियासत में खूब सुर्खियां बटोरी थीं।

अब करीब 11 महीने बाद रोहिणी के पटना लौटने और उसके बाद साधु यादव से मुलाकात ने पुराने घटनाक्रम को फिर चर्चा में ला दिया है। खासकर साधु यादव का छपरा से चुनाव लड़ने की स्थिति में रोहिणी को समर्थन देने का ऐलान राजनीतिक तौर पर अहम माना जा रहा है।

लालू के बुलावे पर पटना पहुंचीं रोहिणी

रोहिणी आचार्य इस बार अपने पिता लालू यादव के बुलावे पर पटना आई हैं। पटना एयरपोर्ट पर लालू यादव, राबड़ी देवी और मीसा भारती उन्हें रिसीव करने पहुंचे थे। एयरपोर्ट पर भावुक पारिवारिक माहौल भी देखने को मिला। रोहिणी ने पिता के पैर छुए और मां राबड़ी देवी को गले लगाया।

पटना पहुंचने के बाद रोहिणी ने अपनी यात्रा को पूरी तरह निजी बताया था। उन्होंने कहा था कि पापा ने बुलाया था, इसलिए उनसे मिलने आई हैं। साथ ही उन्होंने लोगों से उनकी वापसी को राजनीतिक रंग नहीं देने की अपील की थी।तेजस्वी यादव से नाराजगी खत्म होने के सवाल पर रोहिणी ने कोई जवाब नहीं दिया था। ऐसे में अब साधु यादव से उनकी मुलाकात और छपरा से संभावित चुनाव लड़ने को लेकर मिला समर्थन बिहार की सियासत में नई अटकलों को जन्म दे रहा है। हालांकि, रोहिणी की ओर से चुनाव लड़ने को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।