Bihar News : नीतीश सरकार का बड़ा कदम, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर हर जिला मुख्यालय में मनेगा 'रोजगार उत्सव', महिला रोजगार की प्रगति पर होगी चर्चा
PATNA : अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को राज्य में महिला रोजगार दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इसके तहत आठ मार्च को सभी जिला मुख्यालयों पर रोजगार उत्सव के रूप में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में महिला उद्यमी-जीविका दीदी बड़ी संख्या में मौजूद होंगी। जहां महिला रोजगार और उसकी प्रगति को लेकर चर्चा की जाएगी। ग्रामीण विकास विभाग की ओर से आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम के तहत विभागीय मंत्री श्रवण कुमार नालंदा में महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करेंगे।
महिला सशक्तिकरण पर जोर
वर्ष 2005 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में नई सरकार के गठन के बाद महिला सशक्तिकरण पर कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए। इसमें मुख्य रूप से वर्ष 2006 में विश्व बैंक से ऋण लेकर राज्य में स्वयं सहायता समूह के रूप में जीविका का गठन किया गया। अभी तक शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को मिलाकर 11 लाख 82 हजार से भी अधिक स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा चुका है। इन समूहों से राज्य भर में एक करोड़ 80 लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई हैं।
रोजगार से सशक्तिकरण तक
राज्य सरकार ने जीविका समूह से जुड़ीं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की ही मंशा से पहली बार 26 सितंबर 2025 को 75 लाख महिलाओं के खातों में 7500 करोड़ रुपए अंतरित किए। यह राशि लाभुकों को प्रति लाभुक 10 हजार रुपए के हिसाब से दी गई। सरकार का उद्देश्य था कि घरों में अभी तक चूल्हा-चौका तक सीमित महिलाएं खुद के स्तर पर छोटा-मोटा रोजगार शुरू करेंगी और इससे उनके लिए आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण का नया रास्ता खुलेगा।
बिहार की महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर
सरकार का यह प्रयोग काफी सफल रहा। जिस भी महिला के खाते में 10 हजार रुपए की राशि अंतरित की गई, उनमें से अधिकांश ने खुद का रोजगार शुरू कर लिया है। योजना की सफलता को देखते हुए सरकार ने अलग-अलग छह बार में राज्य के करीब एक करोड़ 81 लाख महिलाओं में अभी तक प्रति महिला 10 हजार रुपए के हिसाब से 18 हजार 100 करोड़ रुपए अंतरित किए हैं। ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री श्रवण कुमार का कहना है कि रोजगार के लिए खातों में भेजी गई राशि से जिन महिलाओं ने खुद का रोजगार शुरू कर लिया है, समीक्षा के बाद उनके कारोबार की उन्नति के लिए सरकार पुनः दो लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता देगी। उन्होंने कहा कि देश में बिहार ऐसा एक राज्य है जहां महात्वाकांक्षी योजना के क्रियान्वयन से आधी आबादी तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर अपना पांव बढ़ा रही है। महिलाओं को रोजगार की सहूलियत में अलग-अलग स्तर पर प्रशिक्षित किया जा रहा है। साथ ही उन्हें सरकार से मिलने वाली मदद को लेकर जागरूक किया जा रहा है।