Bihar News : साधु यादव की महिला सिपाहियों पर टिप्पणी शर्मनाक, हम प्रवक्ता श्याम सुन्दर शरण ने की कड़ी निंदा

Bihar News : हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्याम सुन्दर शरण ने साधु यादव द्वारा महिला सिपाहियों पर की गई अमर्यादित टिप्पणी की कड़े शब्दों में निंदा की है।

Bihar News : साधु यादव की महिला सिपाहियों पर टिप्पणी शर्मनाक
साधु यादव के बयान की निंदा - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (से.) के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्याम सुन्दर शरण ने साधु यादव द्वारा महिला सिपाहियों पर की गई टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि साधु यादव की राजनीतिक पहचान राष्ट्रीय जनता दल और लालू प्रसाद यादव के परिवार से उनके रिश्तों एवं राजनीतिक संरक्षण के संदर्भ में बनी। ऐसे में उनके बयान पर राजद और लालू परिवार की राजनीतिक जिम्मेदारी पर सवाल उठना स्वाभाविक है। महिलाओं को कमजोर समझने, उनकी योग्यता पर सवाल उठाने और उन्हें पुरुषों से कमतर आंकने वाली मानसिकता सभ्य समाज के लिए अभिशाप है।

उन्होंने कहा की महिलाओं को अपने पैरों की जूती समझने वाली सोच रखने वालों को यह समझना चाहिए कि महिलाएं किसी की जागीर नहीं, बल्कि अपने सम्मान, अधिकार और स्वतंत्र पहचान के साथ जीने वाली नागरिक हैं। महिला सिपाहियों की वर्दी और क्षमता पर टिप्पणी करना बिहार की लाखों बेटियों के आत्मसम्मान पर चोट है। साधु यादव के सार्वजनिक बयानों और महिलाओं के प्रति उनके रवैये को लेकर उठने वाले सवालों पर उन्हें स्वयं स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

शरण ने कहा कि बिहार की महिलाएं आज पुलिस, सेना, प्रशासन और राजनीति सहित प्रत्येक क्षेत्र में अपनी योग्यता साबित कर रही हैं। महिला सिपाही कठिन प्रशिक्षण और चयन प्रक्रिया से गुजरकर वर्दी हासिल करती हैं तथा नागरिकों की सुरक्षा के लिए अपनी जिम्मेदारियां निभाती हैं। उनकी क्षमता पर सवाल उठाना महिलाओं के संघर्ष और योगदान का अपमान है।

शरण ने कहा की लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और राष्ट्रीय जनता दल के नेताओं को भी स्पष्ट करना चाहिए कि वे महिलाओं के सम्मान के पक्ष में खड़े हैं या ऐसी टिप्पणियों पर मौन रहेंगे। महिलाओं का सम्मान किसी राजनीतिक परिवार की कृपा नहीं, बल्कि उनका मौलिक अधिकार है। साधु यादव को अपना बयान वापस लेकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। महिलाओं के अपमान को किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।