Bihar Politics: जदयू में डैमेज कंट्रोल शुरु , ललन सिंह विवाद पर संजय झा ने दिया बड़ा बयान
Bihar Politics: बिहार की सियासत में इन दिनों फरक्का जलसंधि के विरोध, विधान परिषद चुनाव में हार और जदयू के अंदरूनी राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। ...
Bihar Politics: बिहार की सियासत में विधान परिषद चुनाव में हार और जदयू के अंदरूनी राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने विभिन्न मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने जहां फरक्का जलसंधि को लेकर केंद्र के सामने बिहार के हितों का सवाल उठाया, वहीं कांग्रेस पर निशाना साधते हुए चुनावी हार और राजनीतिक रवैये को लेकर तीखा हमला बोला। इसके साथ ही ललन सिंह से जुड़े विवाद पर भी उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया दी।
ललन सिंह विवाद पर संजय झा का बड़ा बयान
ललन सिंह को लेकर पार्टी में चल रही चर्चाओं पर संजय झा ने सधी हुई राजनीतिक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ललन सिंह पार्टी के सम्मानित और वरिष्ठ नेता हैं। जदयू को खड़ा करने और संगठन को मजबूत बनाने में उनका बहुत बड़ा योगदान रहा है। संजय झा ने कहा, "पार्टी में थोड़ा-बहुत इधर-उधर चलता रहता है, लेकिन हम सभी लोगों का सम्मान करते हैं।" उनके इस बयान को पार्टी के भीतर जारी चर्चाओं के बीच एक अहम संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। कुल मिलाकर संजय झा ने ललन सिंह के योगदान को स्वीकार करते हुए जदयू की एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की।
फरक्का जलसंधि के विरोध में आंदोलन होगा तेज
संजय झा ने जल संस्थान विभाग के सेमिनार के दौरान कहा कि फरक्का जलसंधि के खिलाफ जदयू लगातार आवाज बुलंद कर रही है। बिहार के साथ जिस तरह का अन्याय हुआ है, उसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी चार जिले बाकी हैं, जहां आगामी 2 तारीख से विरोध अभियान शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी इस कार्यक्रम में शामिल होने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि फरक्का जलसंधि के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाने के लिए मैराथन दौड़ का भी आयोजन किया जाएगा। पार्टी इस मुद्दे को लेकर संघर्ष जारी रखेगी।
कांग्रेस पर साधा निशाना, चुनावी हार को लेकर घेरा
कांग्रेस की 1 नवंबर की रैली और बैठक को लेकर संजय झा ने कहा कि कांग्रेस चुनावी हार से उबर नहीं पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी लोकतांत्रिक व्यवस्था में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता के जनादेश से सत्ता हासिल नहीं कर पाने के बाद कुछ लोग बिना वोट के सत्ता परिवर्तन की मंशा पाल रहे हैं। संजय झा ने सवाल उठाया कि बिहार में चुनाव के दौरान क्या हुआ, यह सबके सामने है। उन्होंने कहा कि जहां कांग्रेस जीतती है, वहां सब कुछ ठीक नजर आता है, लेकिन हारने के बाद संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाए जाते हैं। आंदोलन करना है तो उन्हें कौन रोक रहा है?
विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस की स्थिति पर तंज
विधान परिषद चुनाव को लेकर संजय झा ने कहा कि इंडिया गठबंधन के नाम पर विपक्षी दलों के बीच वास्तविक एकजुटता नजर नहीं आई। कांग्रेस की स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसे महज 21 वोट मिले। उन्होंने कर्नाटक का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस अपने मजबूत माने जाने वाले राज्यों में भी चुनावी चुनौतियों का सामना कर रही है। उन्होंने कांग्रेस पर राजनीतिक कब्जे और सत्ता हासिल करने के लिए लोकतांत्रिक मर्यादाओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
हार की समीक्षा के लिए 5 तारीख को बड़ी बैठक
विधान परिषद चुनाव में अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने पर संजय झा ने कहा कि आगामी 5 तारीख को पार्टी की बड़ी बैठक बुलाई गई है। इसमें चुनावी नतीजों की विस्तृत समीक्षा होगी। कहां चूक हुई, किन क्षेत्रों में संगठन कमजोर रहा और किन कारणों से बेहतर परिणाम नहीं मिल सके, इन तमाम पहलुओं पर मंथन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कमियों को दूर कर संगठन को और मजबूत बनाया जाएगा।
उत्तर प्रदेश में चुनाव लड़ने पर संगठन करेगा फैसला
उत्तर प्रदेश में जदयू के कार्यक्रम को लेकर उन्होंने कहा कि पार्टी का वहां मजबूत संगठन है और उसके विधायक भी रहे हैं। आगामी 1 तारीख को पार्टी का कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित होगा, जिसमें निशांत कुमार भी मौजूद रहेंगे। इसी कार्यक्रम में पार्टी चुनाव लड़ने या नहीं लड़ने को लेकर अपना रुख स्पष्ट कर सकती है।
रिपोर्ट- अभिजीत सिंह