सासाराम में 23 महिलाओं की कोर्ट में पेशी: जानिए क्यों कोर्ट ने उन्हें 'आरोपी' नहीं बल्कि 'पीड़ित' माना?

सासाराम कोर्ट ने मलियाबाग के मैरिज हॉल से पकड़ी गई 23 बालिग महिलाओं को 'पीड़ित' मानते हुए बयान दर्ज कर रिहा करने का आदेश दिया है.

सासाराम में 23 महिलाओं की कोर्ट में पेशी: जानिए क्यों कोर्ट

Sasaram -  : सासाराम के बहुचर्चित मलियाबाग मैरिज हॉल कांड में नया मोड़ आया है। कोर्ट ने छापेमारी में पकड़ी गई 23 वयस्क महिलाओं को आरोपी नहीं बल्कि पीड़ित माना है और उन्हें बयान दर्ज करने के बाद छोड़ दिया गया है।

मैरिज हॉल कांड में कोर्ट की कार्रवाई

रोहतास जिले के दावथ थाना क्षेत्र अंतर्गत मलियाबाग के एक मैरिज हॉल में हुई पुलिसिया छापेमारी के मामले में कानूनी प्रक्रिया तेज हो गई है। सोमवार को सासाराम कोर्ट में 23 बालिग महिलाओं को पेश किया गया। इससे पूर्व, इसी मामले में 18 नाबालिग लड़कियों को पॉक्सो (POCSO) कोर्ट में पेश किया गया था। ताज़ा कार्रवाई में कोर्ट ने सभी वयस्क महिलाओं की स्थिति का आकलन करते हुए उन्हें राहत दी है।

महिलाओं को माना गया 'पीड़ित'

सिविल कोर्ट सासाराम के स्पेशल पीपी (पॉक्सो एक्ट) हीरा प्रताप सिंह ने बताया कि मैरिज हॉल से आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ी गई सभी 23 महिलाओं को माननीय न्यायालय ने 'पीड़ित' श्रेणी में रखा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन महिलाओं पर कोई आपराधिक मामला (FIR) दर्ज नहीं है। ये महिलाएं उन पुरुषों और संचालकों की शिकार मानी गई हैं जिन्होंने इन्हें प्रलोभन देकर या गलत तरीके से वहां रखा था।

बयान दर्ज करने के बाद रिहाई के आदेश

कानूनी प्रक्रिया के तहत, सभी 23 महिलाओं का बयान दंड प्रक्रिया संहिता (BNSS) की धारा 183 (पूर्व में 164 CRPC) के तहत दर्ज किया गया। बयान दर्ज होने के बाद न्यायालय ने उन्हें सुरक्षित अपने घर जाने की अनुमति दे दी। स्पेशल पीपी ने बताया कि मुख्य मामला मैरिज हॉल के संचालकों, होटल मालिकों और उन पुरुषों पर है जिन्होंने इस अवैध गतिविधि को बढ़ावा दिया।

एसडीएम की छापेमारी से हुआ था खुलासा

बता दें कि बीते 3 अप्रैल की शाम बिक्रमगंज के एसडीएम प्रभात कुमार ने एक गुप्त सूचना के आधार पर मलियाबाग स्थित 'प्रकाश मैरिज हॉल' में औचक छापेमारी की थी। इस दौरान वहां से लगभग 80 युवक-युवतियों को आपत्तिजनक स्थिति में हिरासत में लिया गया था। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मैरिज हॉल को सील कर दिया था और संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।

होटल और हॉल संचालकों पर कसेगा शिकंजा

इस मामले में पुलिस अब उन मुख्य अभियुक्तों पर ध्यान केंद्रित कर रही है जिन्होंने मैरिज हॉल की आड़ में इस तरह के देह व्यापार या अनैतिक गतिविधियों को संचालित करने की अनुमति दी। होटल मालिक और हॉल संचालकों की संलिप्तता की गहन जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि पकड़े गए पुरुषों और संचालकों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


रिपोर्ट: रंजन कुमार, सासाराम (रोहतास)।