‘20 हजार दो, तभी मिलेगा घर’, अपने ही विधायकों के निशाने पर आई नीतीश सरकार, आवास योजना में हो रहा गंभीर भ्रष्टाचार
गोपालगंज से विधायक मिथिलेश तिवारी ने आरोप लगाया कि आवास लाभुकों से सीधे 20 हजार रुपये तक की रिश्वत वसूली जा रही है।
Bihar Vidhan Sabha : बिहार विधानसभा में बुधवार को आवास योजना में कथित भ्रष्टाचार को लेकर जमकर हंगामा हुआ। खास बात यह रही कि सत्ताधारी दल के ही विधायकों ने नीतीश कुमार सरकार को सदन के भीतर कठघरे में खड़ा कर दिया। विधायकों ने आवास योजना के लाभुकों से रिश्वत वसूली और सर्वेक्षण में गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगाए। रीगा से विधायक बैद्यनाथ प्रसाद ने सबसे पहले यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि आवास योजना में लाभुकों के चयन में भारी अनियमितता हो रही है और विकास मित्रों की ओर से गड़बड़ी कराई जा रही है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि आखिर इस तरह की शिकायतों पर क्या कार्रवाई की जा रही है।
इस पर ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने सदन को बताया कि पूरे राज्य में सर्वेक्षण कराया गया है, जिसमें करीब एक करोड़ चार लाख 90 हजार लोगों को चिन्हित किया गया है। मंत्री ने दावा किया कि प्रक्रिया पारदर्शी है, फिर भी यदि कहीं गड़बड़ी की शिकायत मिलती है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।
भाजपा विधायक ने घेरा
इसके बाद बिहारशरीफ के विधायक सुनील कुमार ने रहुई प्रखंड का उदाहरण देते हुए कहा कि जिन लाभुकों के खातों में आवास की राशि पहुंच चुकी है, उनसे 25 प्रतिशत तक की वसूली की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में वीडियो सबूत भी उनके पास मौजूद हैं। भाजपा के झंझारपुर विधायक नीतीश मिश्रा ने भी सर्वेक्षण प्रक्रिया में गड़बड़ी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वास्तविक जरूरतमंदों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
मिथिलेश तिवारी ने घेरा
इसी क्रम में गोपालगंज से विधायक मिथिलेश तिवारी ने आरोप लगाया कि आवास लाभुकों से सीधे 20 हजार रुपये तक की रिश्वत वसूली जा रही है। उन्होंने बताया कि सिधवलिया प्रखंड में इस तरह की शिकायत जब वरीय अधिकारियों से की गई, तो अधिकारियों ने आवास सहायक पर कार्रवाई और लाभुक का आवंटन रद्द करने की बात कही। तिवारी ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि ऐसी कार्रवाई से भविष्य में कोई भी लाभुक भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत नहीं करेगा।
आरोपों पर जवाब देते हुए मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि यदि विधायकों को किसी भी स्तर पर गड़बड़ी की जानकारी है तो वे अधिकारियों को सूचित करें। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सदन में इस मुद्दे पर देर तक शोरगुल और तीखी बहस का माहौल बना रहा।