शांभवी चौधरी की ललकार: 'राहुल गांधी संसद और देश का समय बर्बाद कर रहे और तेजस्वी के महिलाओं पर सोच को लेकर संस्कार पर उठाए सवाल

सांसद शांभवी चौधरी ने पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करते हुए विपक्षी नेताओं तेजस्वी यादव और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने तेजस्वी यादव के महिलाओं पर दिए गए बयानों को अमर्यादित बताते हुए राहुल गांधी पर सदन और देश का कीमती समय बर्बाद

शांभवी चौधरी की ललकार: 'राहुल गांधी संसद और देश का समय बर्बा
राहुल गांधी देश का समय बर्बाद कर रहे - शांभवी- फोटो : रंजीत कुमार

Patna - बिहार के समस्तीपुर से सांसद शांभवी चौधरी ने पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान विपक्षी नेताओं, विशेषकर तेजस्वी यादव और राहुल गांधी के बयानों पर तीखा हमला बोला है।  सांसद शांभवी चौधरी ने तेजस्वी यादव द्वारा सदन में दी गई हालिया टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई। शांभवी ने कहा कि तेजस्वी यादव का यह बयान न केवल अमर्यादित है, बल्कि यह उनकी महिलाओं के प्रति संकुचित सोच को भी दर्शाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बिहार की बेटियों और महिलाओं के लिए इस तरह की शब्दावली का प्रयोग करना राजद (RJD) की सामूहिक विचारधारा और उनके संस्कारों को उजागर करता है। 

"महिलाओं का सशक्तिकरण 2005 से ही जारी"

तेजस्वी यादव द्वारा 2025 के चुनावों और महिलाओं को लेकर दिए गए बयानों पर शांभवी ने स्पष्ट किया कि बिहार में महिलाओं और बच्चियों को सशक्त बनाने का काम 2005 से ही निरंतर चल रहा है। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ने शिक्षा, रोजगार और जनहित की कई कल्याणकारी योजनाएं लागू की हैं, जिन्हें धरातल पर उतारा गया है। विपक्षी नेताओं को इन योजनाओं की सफलता समझ नहीं आ रही है, जो उनके 'लिमिटेड पर्सपेक्टिव' को दिखाता है।

राहुल गांधी पर निशाना: "सदन और देश का समय कर रहे बर्बाद"

शांभवी चौधरी ने राहुल गांधी के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी जिसमें उन्होंने पीएम मोदी को लेकर टिप्पणी की थी। शांभवी ने कहा कि राहुल गांधी सदन और देश का कीमती समय बर्बाद करने के अलावा कुछ नहीं कर रहे हैं। उन्होंने जननायक कर्पूरी ठाकुर का हवाला देते हुए कहा कि सदन का समय देश का समय होता है, जिसे सार्थक चर्चा और नीति निर्माण (Policy building) में लगाना चाहिए, न कि अनावश्यक शोर-शराबे में। 

सदन की गरिमा और फर्स्ट टाइम सांसदों का दर्द

शांभवी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के उस वक्तव्य का समर्थन किया जिसमें उन्होंने सदन के कई घंटे बर्बाद होने पर चिंता जताई थी। शांभवी ने कहा कि विपक्ष के हंगामे और नारेबाजी के कारण सबसे ज्यादा नुकसान 'फर्स्ट टाइम सांसदों' का होता है। नए सांसदों के पास अपने क्षेत्र की समस्याओं को उठाने और प्रश्न काल में मंत्रियों से सवाल पूछने का सीमित समय होता है, जो विपक्ष के गैर-मर्यादित व्यवहार की भेंट चढ़ जाता है। 

"पद की प्रतिष्ठा का रखें ध्यान"

अंत में, शांभवी ने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन (I.N.D.I.A.) की राजनीति को नकारात्मक और तुष्टिकरण पर आधारित बताया। उन्होंने कहा कि किसी की विचारधारा अलग हो सकती है, लेकिन राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री जैसे सर्वोच्च पदों की गरिमा और प्रतिष्ठा का हमेशा ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने विपक्ष को सलाह दी कि वे संयम बरतें और सही शब्दों का चयन करते हुए विरोध दर्ज कराएं, अन्यथा वे आने वाली पीढ़ी के लिए एक बहुत खराब उदाहरण पेश कर रहे हैं।

रिपोर्ट - रंजीत  कुमार