Bihar News : शिवहर की दो महिलाओं ने पेश की मिसाल, आरसेटी की ट्रेनिंग और मुफ्त सिलाई मशीन योजना से बनीं आत्मनिर्भर

Bihar News : शादी के बाद घर-गृहस्थी की जिम्मेदारियों में सिमटने के बजाय शिवहर जिले की दो महिलाओं ने अपनी मेहनत और सरकारी योजनाओं के सहारे बेरोजगारी को मात देकर आत्मनिर्भरता की एक अनूठी मिसाल कायम की है।

Bihar News : शिवहर की दो महिलाओं ने पेश की मिसाल, आरसेटी की
महिलाएं बनी आत्मनिर्भर - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : शादी के बाद एक महिला की जिंदगी अक्सर घर-गृहस्थी की जिम्मेदारियों में सिमट कर रह जाती है। लेकिन अगर किसी महिला के अंदर कुछ करने की चाह हो, तो वह अपनी मेहनत और सरकार की योजनाओं के सहारे अपनी एक नई पहचान बना सकती है। शिवहर जिले की दो महिलाओं,मौसमी कुमारी और चांदनी कुमारी,ने भी बेरोजगारी को मात देकर सिलाई के काम से आत्मनिर्भरता की एक मिसाल कायम की है।

शादी के बाद बेरोजगार थी,आरसेटी से मिली नई राह

शिवहर वार्ड नं. 22 के दाऊद छपरा की रहने वाली मौसमी कुमारी की कहानी हर उस महिला के लिए प्रेरणा है, जो शादी के बाद कुछ करना चाहती है। मौसमी बताती हैं, "मैंने अपनी पढ़ाई पूरी की और फिर मेरी शादी हो गई। शादी के बाद मैं बेरोजगार थी।" इसी दौरान उन्हें शहर के पास स्थित आरसेटी ( ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान) के बारे में पता चला। मौसमी वहां गईं और ट्रेनिंग के लिए फॉर्म भरा। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद उनके मन में यह सवाल था कि अब वह अपना रोजगार कैसे शुरू करें, उन्होंने आरसेटी के अधिकारियों से बात की, तो उन्हें जिला नियोजनालय की मुफ्त सिलाई मशीन वितरण योजना के बारे में जानकारी मिली। मौसमी ने तुरंत वहां आवेदन किया और उन्हें मुफ्त में एक सिलाई मशीन मिल गई। मौसमी कहती हैं, "सिलाई मशीन मिलने के बाद मैंने अपना रोजगार शुरू किया और व्यापार को बढ़ाया। इसी के माध्यम से मैं अपना परिवार चला रही हूं और अपना जीवन व्यतीत कर रही हूं।"  

रोजगार की तलाश थी, सिलाई मशीन ने दिया सहारा

इसी गांव की एक और महिला चांदनी कुमारी का सफर भी कुछ ऐसा ही रहा। पढ़ाई पूरी करने के बाद चांदनी भी रोजगार की तलाश में भटक रही थीं। आरसेटी से सिलाई की ट्रेनिंग लेने के बाद, उन्होंने भी जिला नियोजनालय में मुफ्त सिलाई मशीन के लिए आवेदन किया। चांदनी बताती हैं, "मुझे जिला नियोजनालय की तरफ से सिलाई मशीन प्राप्त हुआ है। आज मैं इसी मशीन से काम करके अपना जीवन व्यतीत कर रही हूं और इस मुकाम पर पहुंची हूं।" 

योजनाओं ने दिया सपनों को आकार

मौसमी और चांदनी,दोनों ही महिलाओं ने अपनी इस सफलता के लिए आरसेटी और जिला नियोजनालय का तहे दिल से धन्यवाद किया है। इन महिलाओं की कहानी यह साबित करती है कि जब सरकार की सही योजना और महिला की लगन आपस में मिलती है, तो रोजगार के साथ-साथ परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होती है।