Bihar News : बिहार संग्रहालय और सिने सोसाइटी ने 'हस्ताक्षर... देहरी से द्वार तक' कार्यक्रम का किया आयोजन, महिला कलाकारों और विभूतियों के संघर्ष व योगदान पर हुई चर्चा

Bihar News : सिने सोसाइटी पटना और बिहार संग्रहालय की ओर से 'हस्ताक्षर... देहरी से द्वार तक' कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जहाँ महिला कलाकारों और विभूतियों के संघर्ष व योगदान पर चर्चा की गयी......पढ़िए आगे

Bihar News : बिहार संग्रहालय और सिने सोसाइटी ने 'हस्ताक्षर..
महिला कलाकारों और विभूतियों के संघर्ष की चर्चा - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : आजादी के पहले से लेकर आजतक बिहार में महिला कलाकारों की समृद्ध परंपरा रही है। कला के अलावा शिक्षा, चिकित्सा, राजनीति आदि क्षेत्रों में भी बिहार की महिलाओं ने उल्लेखनीय कार्य किए हैं। लेकिन, उस तरह से उनके आवदानों का दस्तावेजीकरण नहीं हो पाया है। उक्त बातें रविवार को बिहार संग्रहालय और सिने सोसाइटी पटना के संयुक्त कार्यक्रम 'हस्ताक्षर... देहरी से द्वार तक' में वक्ताओं ने कहीं। पटना संग्रहालय के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रसिद्ध लेखक प्रो. नरेंद्र नाथ पांडे की पुस्तक देहरी से द्वार तक तथा वरिष्ठ पत्रकार रीना सोपम की पुस्तक हस्ताक्षर पर केंद्रित संयुक्त परिचर्चा के दौरान प्रो. पांडेय ने बिहार की दूसरी महिला चिकित्सक मारी एड्रस से लेकर वीणा पाणी घोष तक के बारे में बताया। कुल 13 महिला विभूतियों की चर्चा इनकी पुस्तक में है। इन महिलाओं के बारे में जानकारी आकाशवाणी पटना के रेडियो रूपक के लिए किया गया था, जिसे बाद में पुस्तक का स्वरूप दिया गया। 

वहीं वरिष्ठ पत्रकार रीना सोपम ने बताया कि उनकी पुस्तक हस्ताक्षर में बिहार की 19 कलाकारों का विस्तार से वर्णन है जिन्होंने तमाम संघर्षों का सामना करते हुए अपनी वैश्विक पहचान बनाईं और बिहार का नाम रोशन किया। इस पुस्तक के लिखे जाने के पीछे का कारण उन्होंने बताया कि जब भी बिहार की कला परंपरा का इतिहास लिखा जाएगा तो यह प्रश्न उठ खड़ा होगा कि उस कला परंपरा में महिलाएं थीं अथवा नहीं? इसी प्रश्न का उत्तर यह पुस्तक देती है। परिचर्चा के दौरान प्रो. नरेंद्र नाथ पांडेय ने 'देहरी से द्वार तक' कविता का पाठ भी किया।

इससे पूर्व सिने सोसाइटी पटना के पूर्व अध्यक्ष और जाने-माने फिल्म विश्लेषक प्रो. जय देव ने विषय प्रवेश कराते हुए सिने सोसाइटी और महिलाओं के अंतर्संबंध को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पटना में फिल्म सोसाइटी का सूत्रपात करने का श्रेय भी एक महिला को जाता है। विजया मूले ने पटना में सिने सोसाइटी की नींव रखी, जो अपने बदलते स्वरूप के साथ आज सफलतापूर्वक स्वर्ण जयंती वर्ष मना रहा है। 

कार्यक्रम का संचालन कवि और फिल्म विश्लेषक डॉ. कुमार विमलेंदु सिंह ने किया, वहीं धन्यवाद ज्ञापन सिने सोसाइटी पटना के सह सचिव फिल्मकार प्रशांत रंजन ने किया। इस अवसर पर सरोद वादक रीता दास, रीमा दास, वरिष्ठ रंगकर्मी निलेश मिश्र, सुमन कुमार, प्रसिद्ध छायाकार बीके जैन, डॉ. शत्रुघ्न किशोर समेत कई कलाकार, पत्रकार, लेखक, साहित्यकार, विद्यार्थी व अन्य बुद्धिजीवी उपस्थित रहे।