अंचल कार्यालयों में दलाल-मुंशी राज पर सरकार का 'हथौड़ा'! कुव्यवस्था देख भड़का विभाग, 8 जिलों में शुरू होगी सघन छापेमारी, टीम तैयार
अंचल कार्यालयों में जड़ जमा चुके भ्रष्टाचार और दलाल-मुंशी प्रथा के खिलाफ सीधा युद्ध छेड़ दिया है । विभाग ने कुव्यवस्था पर गहरी नाराजगी जताते हुए त्रि-सदस्यीय विशेष टीमों का गठन किया है।
Patna - बिहार के अंचल कार्यालयों में जड़ जमा चुके भ्रष्टाचार और दलालों के सिंडिकेट को ध्वस्त करने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने युद्ध स्तर पर तैयारी कर ली है। विभाग ने कुव्यवस्था पर गहरी चिंता जताते हुए विशेष तीन सदस्यीय टीमों का गठन किया है, जो औचक निरीक्षण कर भ्रष्टाचारियों की नींद उड़ाने वाली हैं।
अंचलों में व्याप्त कुव्यवस्था पर 'डायरेक्ट एक्शन'
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर सचिव आजीव वत्सराज ने सभी जिलाधिकारियों को कड़ा पत्र लिखकर अंचल कार्यालयों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जाहिर की है। विभाग ने माना है कि अर्द्धवार्षिक और त्रैमासिक निरीक्षण न होने के कारण इन कार्यालयों में कुव्यवस्था और दलाल-मुंशी प्रथा ने पैर पसार लिए हैं। अब सरकार ने 'सम्यक विचारोपरांत' यह निर्णय लिया है कि केवल सीसीटीवी (CCTV) और बायोमेट्रिक (Biometric) के भरोसे बैठने के बजाय सीधे जमीन पर उतरकर गहन निरीक्षण किया जाएगा।
तीन सदस्यीय 'स्पेशल टीम' करेगी सर्जिकल स्ट्राइक
भ्रष्टाचार के खिलाफ इस अभियान के लिए एक शक्तिशाली त्रि-सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। इस टीम की अध्यक्षता संबंधित जिले के अपर समाहर्त्ता (ADM) करेंगे, जबकि मुख्यालय के अवर सचिव/उप सचिव और एक प्रशाखा पदाधिकारी इसके सदस्य होंगे। यह टीम न केवल कार्यालयों के फाइलों की जांच करेगी, बल्कि वहां व्याप्त दलाल प्रथा को जड़ से मिटाने के लिए तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों को खंगालेगी।
पहले चरण में इन 8 जिलों के अंचलों पर गिरेगी गाज
जांच के प्रथम चरण के लिए विभाग ने बिहार के 8 संवेदनशील जिलों और उनके विशेष अंचलों को चिन्हित किया है। इनमें निम्नलिखित अंचल शामिल हैं:
- पूर्वी चम्पारण: घोड़ासहन अंचल
- बक्सर: बक्सर सदर
- रोहतास: दिनारा अंचल
- भागलपुर: भागलपुर सदर
- वैशाली: वैशाली सदर
- सारण: एकमा अंचल
- गोपालगंज: गोपालगंज सदर
- सीतामढ़ी: डुमरा अंचल
एक सप्ताह में देनी होगी रिपोर्ट, लापरवाही पर होगी कार्रवाई
जांच टीम को सख्त निर्देश दिया गया है कि वे निरीक्षण के मात्र एक सप्ताह के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी और विभागीय मुख्यालय को सौंपें। विभाग ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि जिन अंचलों में 'समृद्धि यात्रा' पूरी हो चुकी है या जहां विशेष जांच की जरूरत है, वहां किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले चरणों में बिहार के अन्य सभी अंचल कार्यालयों को भी इस रडार पर लिया जाना प्रस्तावित है।