पटना के बापू टावर में आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक, CEO ने दिए कड़े निर्देश

पटना के बापू टावर में आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री जन आरोग्य

Patna : बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी शशांक शेखर सिन्हा की अध्यक्षता में आज पटना के बापू टावर स्थित सभागार में एक उच्च स्तरीय राज्य स्तरीय एक दिवसीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत चल रहे कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में राज्य स्तर के सभी वरीय पदाधिकारियों के साथ-साथ सभी जिलों के जिला कार्यक्रम समन्वयक, जिला आईटी प्रबंधक और ABDM के प्रोजेक्ट को-ऑर्डिनेटर मुख्य रूप से शामिल हुए।


आयुष्मान कार्ड निर्माण में लाएं तेजी, अधिकारी खुद क्षेत्रों का करें नियमित दौरा

समीक्षा के दौरान मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी श्री शशांक शेखर सिन्हा ने बेनिफिशियरी आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (BIS) के अंतर्गत आयुष्मान कार्ड बनाने की धीमी प्रगति पर चिंता जताई। उन्होंने कार्ड निर्माण की गति में तेजी लाने का कड़ा निर्देश देते हुए कहा कि सभी जिला कार्यक्रम समन्वयक और जिला आईटी प्रबंधक नियमित रूप से क्षेत्रों का भ्रमण करें। अधिकारी खुद फील्ड में उतरकर कार्ड निर्माण कार्य की सतत मॉनिटरिंग (सतत निगरानी) सुनिश्चित करें, ताकि राज्य के सभी लक्षित और पात्र परिवारों को ससमय इस योजना से आच्छादित किया जा सके।


अधिक से अधिक सरकारी और निजी अस्पतालों को आयुष्मान योजना से जोड़ने का लक्ष्य

बैठक में योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों (Empanelment) की संख्या बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे जिले के अधिक से अधिक अच्छे सरकारी और निजी अस्पतालों को इस योजना से जोड़ें। इसके साथ ही, सूचीबद्ध अस्पतालों में दी जाने वाली उपचार सेवाओं की गुणवत्ता, लाभार्थियों को समय पर मिलने वाली चिकित्सा सुविधा और मरीजों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए नियमित अनुश्रवण एवं आकस्मिक निरीक्षण सुनिश्चित करने की बात कही गई, ताकि मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।


क्लेम भुगतान में लाएं पारदर्शिता, फर्जीवाड़े पर रोक के लिए होगा लाइव ऑडिट

वित्तीय और प्रशासनिक अनुशासन को मजबूत करने के लिए बैठक के दौरान क्लेम प्रोसेसिंग (Claim Processing) एवं क्लेम अप्रूवल की भी विस्तृत समीक्षा की गई। राज्य स्तर की क्लेम टीम को लंबित दावों के त्वरित निष्पादन, समयबद्ध भुगतान प्रक्रिया तथा पारदर्शी क्लेम निपटान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही, फ्रॉड कंट्रोल (धोखाधड़ी नियंत्रण) और लाइव बेनिफिशियरी ऑडिट से संबंधित बिंदुओं की समीक्षा करते हुए सभी जिलों को निर्धारित दिशा-निर्देशों का पूर्ण अनुपालन करने को कहा गया, ताकि पूरी व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे।


बिहार में अब तक 4.12 करोड़ से अधिक लोगों को मिला आयुष्मान कार्ड, 5488 करोड़ का हुआ मुफ्त इलाज

उल्लेखनीय है कि बिहार में इस योजना का क्रियान्वयन स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत 'बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति' द्वारा किया जा रहा है। राज्य में अब तक लगभग 1 करोड़ 69 लाख परिवारों के कुल 4 करोड़ 12 लाख व्यक्तियों को आयुष्मान कार्ड निर्गत किया जा चुका है। वर्तमान में राज्य के 436 सरकारी और 885 गैर-सरकारी (कुल 1321 अस्पताल) इस योजना के तहत सूचीबद्ध हैं। इन अस्पतालों के माध्यम से अब तक लगभग 35.18 लाख से अधिक लाभार्थियों को 5488 करोड़ मूल्य का निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जा चुका है। बैठक में शिकायत निवारण प्रणाली (Grievance Redressal) और सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। इस अवसर पर शैलेश चंद्र दिवाकर, आलोक कुमार सिंह, डॉ. आलोक रंजन सहित समिति के तमाम राज्य प्रबंधक और सलाहकार उपस्थित थे।